योगी जी! आपके सफाईकर्मी गांवों में सफाई नहीं,एडीओ पंचायत के कार्यालय में चला रहे हैं कम्प्यूटर !

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– राजधानी के आठों ब्लॉकों में सालों से बाबू बनकर बैठे 19 मठाधीश सफाईकर्मियों का तबादला होने से हड़कंप

-सालों से एक ही ब्लॉक में जमे रहकर कर रहे थे मनमानी
अजय सिंह चौहान/राजीव दीक्षित/भास्कर न्यूज़
लखनऊ। स्वच्छ भारत मिशन के तहत राजधानी के बीकेटी, माल, मलिहाबाद, काकोरी, सरोजनीनगर, मोहनलालगंज, गोसाईगंज व चिनहट के गांवों की सफाई व्यवस्था पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं गांव-गांव तैनात किए गए सफाई कर्मचारियों में से अधिकांश सफाईकर्मी गांवों में साफ सफाई करने के बजाए अफसरों के घरों पर झाड़ू पोछा कर रहे हैं,या फिर ब्लॉक मुख्यालयों पर एडीओ पंचायत के कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर का काम कर रहे हैं।

मालूम हो कि राजधानी के आठों ब्लॉकों में बाबूजी बनकर बैठे 19 सफाईकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। यह सफाईकर्मी ब्लॉकों में तैनात रहकर साफ सफाई के बजाय एडीओ पंचायत कार्यालयों में बाबू या कम्प्यूटर ऑपरेटर का काम देख रहे थे। कर्मचारियों की ड्यूटी का रोस्टर बनाना तथा अधिकारियों के विभिन्न पटल के पत्राचार का काम इनके जिम्मे थे।बीकेटी, गोसाईंगंज मोहनलालगंज सहित सभी ब्लॉकों में 3-4 सफाईकर्मी तैनात थे। कोई 8

साल तो कोई 10-15 साल से।अधिकारियों को इन कर्मचारियों की शिकायत मिल रही थी। सभी की तैनाती जिन मूल गांव में थी वहां सफाई व्यवस्था का काम प्रभावित हो रहा था। यह कर्मचारी ब्लॉक कार्यालय में रहते थे। या फिर एडीओ द्वारा बताये गये कार्य संपादित करते थे। इसके पीछे तर्क यह दिया जाता है कि एडीओ पंचायत के कार्यालय में किसी स्टाफ की तैनाती की कोई व्यवस्था नहीं है जो डाक बही ड्यूटी व्यवस्था या पत्राचार जनशिकायत आदि जैसे काम

निपटा सके। ऐसे में इन्हीं सफाई कर्मचारियों से यह सारे काम लिये जाते थे। कहने को ये सफाईकर्मी थे पर कम्प्यूटर का ज्ञान होने व योग्यता के आधार पर इनसे बाबू का काम लिया जाता था। कई ब्लॉकों में ऐसे सफाईकर्मी भी हैं जो अपनी यूनियन की नेतागिरी के दम पर गांव में कभी सफाई करने नहीं जाते। इनकी तमाम शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होती। लेकिन ब्लॉकों में सफाई कर्मचारियों की शिकायतें ज्यादा मिलने पर अधिकारियों ने चाबुक चलाया।

लखनऊ के डीपीआरओ शाश्वत आनंद सिंह ने विगत 4अक्टूबर को आदेश जारी कर जिले के एडीओ पंचायत दफ्तरों में तैनात 19 सफाईकर्मियों का तबादला दूसरे ब्लॉकों में कर दिया। आदेश में कहा गया कि जब तक कर्मचारी गांव जाकर अपनी योगदान आख्या नहीं देते तब तक उनका अक्टूबर माह का वेतन नहीं मिलेगा। हालांकि इस तबादला आदेश से बरसों से ब्लॉकों में जमे सफाईकर्मी खुश नहीं हैं।
जिम्मेदार बोले
सभी आठों ब्लॉकों में एडीओ पंचायत कार्यालय में कुछ ऐसे सफाईकर्मी थे, जो लंबे समय से एक ही ब्लॉक में जमे थे। ड्यूटी लगाने में मनमानी के साथ ही वसूली की भी कुछ शिकायतें आ रही थीं। कार्य व्यवहार सम्बंधित शिकायतें मिलने पर जिले के 19 सफाईकर्मियों का तबादला किया गया है। तत्काल प्रभाव से इन्हें तबादला आदेश का पालन करने को कहा गया है।
शाश्वत आनंद सिंह
जिला पंचायतराज अधिकारी
लखनऊ