wildlife sos ngo is running elephant rescue center in mathura– News18 Hindi

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नई दिल्ली. भीषण गर्मी से जहां इंसान परेशान हो रहे हैं, वहीं 29 हाथियों का एक झुंड भी पसीने से तर-बतर करने वाली गर्मी से निजात पाने के लिए पानी का सहारा ले रहे हैं. एक तो बहुत देर तक खड़े न होने देने वाली बीमारी, ऊपर से जान हलकान करने वाली गर्मी. अगर अस्पताल में हाइड्रोथेरेपी स्विमिंग पूल (Swimming Pool) न हों तो शायद गर्मी में हाथियों (Elephants) के लिए जिंदगी भी मुहाल हो जाए. अस्पताल के सभी 29 हाथी लम्बे-चौड़े स्विमिंग पूल में 21 हाई प्रेशर वाले जेट स्प्रे से नहाकर गर्मी से राहत पा रहे हैं तो दूसरी ओर पैरों के असहनीय दर्द से भी छुटकारा मिल रहा है. गर्मी से राहत दिलाने वाले खरबूज-तरबूज जैसे फलों संग खाने के लिए सब्जियां भी दी जा रही हैं.

यूपी के मथुरा में वाइल्ड लाइफ एसओएस की ओर से हाथियों के लिए संरक्षण एवं देखभाल केंद्र चलाया जा रहा है. इसे हाथियों का अस्पताल भी कहा जाता है. मौजूदा वक्त में सेंटर में करीब 29 हाथी हैं. इन सभी हाथियों को सर्कस, प्रदर्शनी, पर्यटकों की सवारी के लिए इस्तेमाल करने वालों, सड़कों पर भीख मांगने और शादी-बारात में हाथियों का इस्तेमाल करने वालों से रेस्क्यू किया गया है. मथुरा से कुछ ही दूरी पर मथुरा-आगरा के बीच कीठम में वाइल्ड लाइफ एसओएस द्वारा बीयर रेस्क्यू सेंटर भी चलाया जा रहा है.

इसलिए बहुत देर तक खड़ा नहीं हो पाता हाथी

वाइल्ड लाइफ एसओएस के डायरेक्टर (कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स) बैजूराज एमवी का कहना है कि हाथियों के पूर्व मालिक उन्हें अक्सर ऐसे वातावरण में रखते थे जो उनके शरीर के लिए नहीं बना है या फिर उन्हें घंटों कंक्रीट पर जंजीर से बांधकर रखा जाता था. जिसकी वजह से कम उम्र में ही इन्हें आर्थराइटिस जैसी गंभीर बीमारियों ने जकड़ लिया. इस वजह से अब हथी ज्यादा देर तक खड़े होने या चलने में बहुत तेज दर्द महसूस करते हैं.

गर्मी दूर करने के लिए इन दिनों हाथी पानी में जमकर मस्ती कर रहे हैं.

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गर्मी में इस तरह से ठंडा रखा जा रहा है हाथियों को

वाइल्ड लाइफ एसओएस की पशु चिकित्सा सेवाओं के उप-निदेशक डॉ. इलियाराजा का कहना है कि हमारे सेंटर में सभी 29 हाथियों के पास अपने खुद के जंबो स्विमिंग पूल के साथ-साथ पानी का छिड़काव करने के लिए स्प्रिंकलर लगे हैं.

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सभी हाथियों के लिए अलग-अलग स्विमिंग पूल बनाए गए हैं.

यह हाथियों के बड़े-बड़े बाड़ों को ठंडा रखने में मदद करते हैं. वहीं हाइड्रोथेरेपी पूल 11 फुट गहरा है और इसमें 21 हाई प्रेशर वाले जेट स्प्रे लगे हैं. यह जेट पानी को प्रेशर से फेकते हैं, जिससे हाथियों के पैरों और शरीर की मालिश हो सके और ब्लड सर्कुलेशन बना रहे.

स्विमिंग पूल में जहां बूढ़े हाथी, ठंडे ताज़ा पानी में आराम से घंटों बिताना पसंद करते हैं, तो वहीँ चंचल, पीनट, कोकोनट और लक्ष्मी जैसे हाथी ऐसे भी हैं जो पानी में गोते लगाते हैं और पूल के अंदर रबर के टायरों के साथ खेलते हैं. यह पूल 400 वर्ग फुट चौड़े और 6 फुट गहरे हैं. पानी हाथियों के पैरों से अपने भारी वजन को कम करने में भी मदद करता है. गर्मियों से राहत दिलाने के लिए हाथियों को तरबूज, खरबूज, खीरे, मौसमी और सब्ज़ी आदि खिलाई जा रही है.

वहीं वाइल्ड लाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण का कहना है कि हम किसी भी तरह की परेशानी में फंसे ऐसे हाथियों की मदद करना जारी रखेंगे.

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