West Bengal election 2021 result: saamana writes that nation should learn from west bengal: सामना ने लिखा है कि देश को प. बंगाल से सीखना चाहिए

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हाइलाइट्स:

  • शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए पीएम मोदी और बीजेपी पर निशाना साधा
  • सामना ने लिखा है कि देश को प. बंगाल से सीखना चाहिए
  • सामना ने लिखा है कि जख्मी बाघिन ने देश की राजनीति को नई दिशा दी है
  • तृणमूल कांग्रेस ने मोदी-शाह को राजनीति में धूल चटा दिया यह ऐतिहासिक व सबके लिए प्रेरणादायी

मुंबई
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए पीएम मोदी और बीजेपी पर निशाना साधा है। सामना ने लिखा है कि प. बंगाल के चुनाव का विश्लेषण एक वाक्य में करना हो तो बीजेपी हार गई और कोरोना जीत गया। प. बंगाल की बाघिन ऐन चुनाव के दौरान जख्मी हो गई। उस जख्मी बाघिन ने देश की राजनीति को नई दिशा दी है और प. बंगाल की जनता का जितना अभिनंदन किया जाए, उतना कम ही है। प. बंगाल की जनता धूल के बवंडर में गायब नहीं हुई। कृत्रिम लहरों में नहीं बही। अपनी मिट्टी के लोगों की प्रतिष्ठा के लिए बंगाली जनता दृढ़ता के साथ खड़ी रही। देश को प. बंगाल से सीखना चाहिए।

दीदी की हैट्रिक
सामना ने लिखा है कि प. बंगाल में क्या होगा, इसी पर सभी का ध्यान था। प्रधानमंत्री मोदी सहित पूरी केंद्र सरकार प. बंगाल में ममता बनर्जी व उनकी तृणमूल कांग्रेस को हराने के लिए उतर गई थी। प. बंगाल जीता जा सके, इसके लिए वहां मतदान के 8 चरण लाद दिए गए। लेकिन हुआ क्या? तृणमूल कांग्रेस ने मोदी, शाह सहित पूरी केंद्र सरकार व बीजेपी को धूल चटा दिया। प. बंगाल में ममता बनर्जी ने विजय की ‘हैट्रिक’ लगाई। इतना ही नहीं, मोदी-शाह द्वारा खड़े किए गए तूफान को रोकते हुए बीजेपी की पारी को सौ के अंदर ही ‘ऑल आउट’ कर दिया।

बीजेपी ने फैलाया कोरोना
सामना ने लिखा है कि पांच राज्यों में, विशेषत: प. बंगाल के चुनाव में अनियंत्रित भीड़ के कारण देश में कोरोना बढ़ता गया, ऐसा मद्रास हाई कोर्ट का निरीक्षण है। देश में जिस रफ्तार से कोरोना बढ़ा और नुकसान हुआ उसके लिए मद्रास हाई कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराया, वह उचित ही है। सिर्फ प. बंगाल जीतना ही है, इस एक ईर्ष्या व द्वेष के साथ ‘मोदी-शाह’ की बीजेपी मैदान में उतरी। उन्होंने लाखों की सभा, रोड शो करके कोरोना के सभी नियमों को पैरों तले कुचल डाला और चुनाव खत्म होने के बाद दिल्ली आकर कोरोना निवारण की देवपूजा में लग गए, लेकिन समय हाथ से निकल गया है। इतना करके भी प. बंगाल की जनता ने बीजेपी को साफ नकार दिया है।

मोदी की बांग्लादेश सैर
सामना ने लिखा है कि प. बंगाल में ममता को पराजित करने के लिए बीजेपी ने क्या नहीं किया? ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने से लेकर ममता को ‘बेगम ममता’ चिढ़ाने तक हिंदू-मुससमान वोटों के ध्रुवीकरण करने के उनके अचूक हथकंडे का प्रयोग भी सफल नहीं हुआ। जहां हिंदुओं के मत अधिक हैं, उस विधानसभा में भी ममता बनर्जी ने विजय हासिल की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी बांग्लादेश की भी सैर कर आए। बांग्लादेश के निर्माता शेख मुजीबुर्रहमान को गांधी शांति पुरस्कार घोषित किया और वह उनकी बेटी बांग्लादेश की वर्तमान प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रदान करके भी आए। इसके कारण प. बंगाल के मुसलमानों का वोट मिलेगा, ऐसे कयास उन्होंने लगाए थे लेकिन वैसा हुआ नहीं। ममता बनर्जी की पार्टी में भी तोड़-फोड़ की। फिर भी तृणमूल कांग्रेस ने मोदी-शाह को राजनीति में धूल चटा दिया। यह ऐतिहासिक व सबके लिए प्रेरणादायी है।

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