Vijaya Ekadashi 2021- Enemies Have To Be Defeated So Keep This Fast Mahasayoga Is Being Made

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Vijaya Ekadashi Vrat Katha,Puja Vidhi 2021: हिंदू धर्म ग्रंथों में एकादशी व्रत का विशेष महत्त्व बताया गया है. फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी कहा जाता है.  इस बार विजया एकादशी का व्रत आज यानी 9 मार्च 2021 को मनाया जाएगा. ऐसी मान्यता है कि विजया एकादशी का व्रत शत्रुओं को पराजित कर व्रती को विजय दिलाता है. विजया एकादशी के व्रत के बारे में यहां तक कहा गया है कि अगर पराजय सामने खड़ी हो तो ऐसी परम विकट स्थिति में भी विजया एकादशी का व्रत रखने वाले को शत्रुओं पर जीत दिलाने की क्षमता रखती है.

माना जाता है कि विजया एकादशी का व्रत करने वाले को विष्णु भगवान की असीम कृपा मिलती है और उनके आशीर्वाद से व्रती को पापों से मुक्ति मिलती है.

ऐसी मान्यता है कि लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए भगवान राम एवं उनकी पूरी सेना ने विजया एकादशी का व्रत रखकर समुद्र के किनारे पूजा करके रामसेतु बनाकर समुद्र पार किया था, और रावण पर विजय प्राप्त कर माता सीता को छुड़ाया था.

इस बार विजया एकादशी को यह बन रहा महासंयोग

इस बार की विजया एकादशी मंगलवार के दिन पड़ेगी. मंगलवार का दिन जहां हनुमान जी को समर्पित है वहीं एकादशी व्रत भगवान विष्णु को. एकादशी होने के कारण भगवान की पूजा विधि-विधान से करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है. मंगलवार का दिन होने के कारण हनुमान जी की पूजा करने से शनिदेव की भी कृपा प्राप्त होती है. इस प्रकार मंगलवार को एकादशी व्रत रखने से जातक के सभी संकटों का समाधान होता है एवं जीवन सुखों से भर जाता है. व्यक्ति को हर तरह के संकट से छुटकारा मिलती है तथा हर कार्य उसे विजय की प्राप्त होती, शत्रु पराजित होते हैं.

विजया एकादशी का शुभ मुहूर्त– Vijaya Ekadashi 2021 Shubh Muhurt:

  1. एकादशी तिथि प्रारम्भ: 8 मार्च 2021 को दोपहर 03 बजकर 44 मिनट
  2. विजया एकादशी: 9 मार्च 2021, दिन मंगलवार
  3. विजया एकादशी तिथि समापन: 9 मार्च 2021 को दोपहर बाद 03:02 बजे
  4. विजया एकादशी व्रत का पारण मुहूर्त: 10 मार्च 2021 को सुबह 06 बजकर 36 मिनट से सुबह 08 बजकर 58 मिनट तक

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