UP News: युवाओं की किस्‍मत चमकाने में जुटा IAS दंपत्ति, ऋषि राज-ईशा प्रिया दे रहे UPSC की फ्री कोचिंग

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ऋषि राज ने आईएएस में 27वीं तो प्रिया ने 70वीं रैंक हासिल की थी.

यूपी के मैनपुरी में तैनात आईएएस (IAS) अधिकारी ऋषि राज (Rishi Raj) और ईशा प्रिया (Isha Priya) इन दिनों अपने खास अंदाज की वजह से चर्चा में हैं. दरअसल यह जोड़ी सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं को फ्री कोचिंग दे रही है.

मैनपुरी. यह कहानी उस दंपत्ति की है जो 24 साल की उम्र में अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा का एग्जाम पास कर आईएएस (IAS) बन गए और अब दोनों पति-पत्नी राजकीय पुस्तकालय में उन स्टूडेंट्स को फ्री कोचिंग दे रहे हैं जो सिविल सेवा में जाने के इच्छुक हैं. यह आईएएस दंपत्ति ऋषि राज (Rishi Raj) और ईशा प्रिया (Isha Priya)  है और यूपी के मैनपुरी में तैनात हैं.

ऋषि राज मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के विंध्यानगर गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता एनटीपीसी में प्रबंधक हैं, तो माता गृहणी हैं. ऋषिराज अभी महज 27 साल के हैं. जबकि 2018 में उन्होंने आईएएस की परीक्षा पास की और उन्हें देश भर में 27वीं रैंक मिली. ऋषि राज आईएएस में जाकर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में फोकस करना चाहते हैं. वहीं, आईएस ईशा प्रिया झारखंड के रांची जिले की रहने वाली हैं.उनके माता-पिता रांची यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं. वह 2016 बैच की आईएएस अफसर हैं. पहले चांस में ही देश की सबसे बड़ी परीक्षा पास कर आईएएस में 75वीं रैंक हासिल की थी. यही नहीं, इन दोनों का 2019 में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ और अब यूपी के मैनपुरी में सेवाएं दे रहे हैं.

Rishi Raj and Isha Priya

आईएएस दंपत्ति ईशा प्रिया और ऋषिराज पुस्तकालय में यूपीएससी के प्रतिभागियों से रूबरू होकर उनसे अलग-अलग विषयों पर बात करते हैं.

ऐसे जीता युवाओं का दिल ईशा प्रिया मैनपुरी में सीडीओ, तो ऋषि राज ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात हैं. मैनपुरी में तैनात आईएएस दंपत्ति पूरे दिन ड्यूटी के बाद जैसे ही समय मिलता है सप्ताह में एक दिन पुस्तकालय में जाकर भाषणों और कोचिंग के माध्यम से प्रतिभागियों को ऐसे गुर सिखाते हैं जो छात्रों को सिविल सेवा की मंजिल छू लेने में उपयोगी साबित हो सकते हैं.आईएएस दंपत्ति ईशा प्रिया और ऋषिराज पुस्तकालय में यूपीएससी के प्रतिभागियों से रूबरू होकर उनसे अलग-अलग विषयों पर बात करते हैं और छात्र छात्रों के सवालों के जवाब देते हैं.

आईएएस के छात्रों को सलाह
आईएएस दंपत्ति कहते हैं कि लिमिटेड किताबें इकट्ठा करें और अपनी चॉइस पर विश्वास रखें. अंत तक उन्हीं को पढ़ें. प्रीवियस ईयर के क्वेश्चन पेपर देखें और समझें कि किस विषय से कितने प्रश्न आते हैं. फिर उसी हिसाब से तैयारी करें. एनसीईआरटी की किताबें खरीदें, जो कि खासी फायदेमंद हैं. आईएएस दंपत्ति ने ज्योग्राफी के लिए केवल इन्हें ही पड़ा था. अंत में ऋषि राज यह भी सलाह देते हैं कि मन लगाकर सही दिशा में तैयारी करेंगे तो भले ही देर से सही पर सफलता जरूर मिलेगी. आईएएस ईशा प्रिया सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे छात्रों को टिप्स देते हुए कहती हैं कि पुराने क्वेश्चन पेपर को उठाएं और समझे. निश्चित रूप से तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को सफलता मिलेगी. मैनपुरी में तैनात आईएएस दंपत्ति के क्लास लेकर छात्र छात्राओं का न सिर्फ मनोबल बढ़ रहा है जबकि वह मोटिवेट भी हो रहे हैं.

आईएएस दंपति बताते हैं कि प्रदेश में राजकीय पुस्तकालय को प्रथम स्थान मिला है इसका श्रेय पूरा जिला अधिकारी मैनपुरी महेंद्र बहादुर को जाता है. साथ ही कहा कि डीएम से प्रेरणा लेकर हम लोग छात्र छात्राओं को यूपीएससी की तैयारी में मदद कर रहे हैं.







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