UP Gram Panchayat Chunav 2021: बसपा की समीक्षा बैठकें खत्म, मायावती बोलीं- चुनावों में जान लड़ा दें कार्यकर्ता

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बसपा सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो)

UP Gram Panchayat Chunav: इन बैठकों में पंचायत चुनाव पर भी चर्चा की गई और मायावती ने अपने प्रेस रिलीज में कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश में पंचायत व स्थानीय निकाय के चुनाव होने वाले हैं. कार्यकर्ता इन चुनावों में अपनी जान लड़ा दें.

लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (BSP) की संगठन के छोटे-छोटे कैडरों की बैठक और चुनावी तैयारियों को लेकर पिछले एक सप्ताह से चल रही मंडल और जिलेवार की समीक्षा बैठक का पहला दौर बुधवार को खत्म हो गया. बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने लखनऊ (Lucknow) की सभी 18 मंडलों और 75 जिलों के पार्टी के छोटे बड़े पदाधिकारियों के साथ कमेटी की गतिविधियों को लेकर विस्तार से चर्चा की और आने वाले समय में राजनीतिक चुनौतियों और चैलेंजों का डटकर मुकाबला करने के लिए पार्टी में संगठन स्तर से लेकर मंडल और जिला स्तर पर जरूरी फेरबदल किए. 15 मार्च को बीएसपी मूवमेंट के जन्मदाता और संस्थापक कांशी राम जी की जयंती को लेकर भी मायावती ने दिशा निर्देश दिए.

मायावती ने कहा कि 15 मार्च को संगोष्ठी के माध्यम से हर जिले में कार्यक्रम आयोजित कराए जाएं. जिनमें लखनऊ, कानपुर और फैजाबाद मंडल के लोग लखनऊ स्थित मान्यवर श्री कांशीराम स्मारक और मेरठ मंडल के लोग नोएडा स्थित दलित प्रेरणा स्थल पर पहुंचे. इसके अतिरिक्त सभी जिलों में अलग से कार्यक्रम करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं.

बीजेपी के ताकतवर होने के लिए कांग्रेस को बताया जिम्मेदार
बसपा सुप्रीमो मायावती की तरफ से जारी प्रेस नोट में कहा गया है ‘कि यह जगजाहिर है कि हर पार्टी के उतार-चढ़ाव के समय आते रहते हैं. जनसंघ और बीजेपी आजादी के बाद लगभग 70 वर्षों तक लुप्तप्राय थी, लेकिन आज उसकी सांप्रदायिकता और घिनौनी जन विरोधी और जातिवादी नीतियां कांग्रेस पार्टी की तरह ही चरम पर है”. मायावती ने कहा कि ऐसा किसने सोचा था लेकिन आज बीजेपी अगर शक्तिशाली होकर सरकार में है तो इसके लिए सबसे बड़ी जिम्मेदार और कसूरवार खुद कांग्रेस पार्टी और उसकी गलत व जनविरोधी भ्रष्ट नीतियां ही हैपंचायत चुनाव में दिखेगा बीजेपी के खिलाफ गुस्सा

इन बैठकों में पंचायत चुनाव पर भी चर्चा की गई और मायावती ने अपने प्रेस रिलीज में कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश में पंचायत व स्थानीय निकाय के चुनाव होने वाले हैं. कार्यकर्ता इन चुनावों में अपनी जान लड़ा दें. क्योंकि उत्तर प्रदेश में अगर स्वतंत्र व निष्पक्ष ढंग से पंचायत चुनाव कराए गए तो आगामी विधानसभा आम चुनावों से पहले पूरे प्रदेश में केंद्र व राज्य की सरकार के खिलाफ सर्व समाज में से खासकर गरीबों किसानों छोटे व्यापारियों व अन्य मेहनतकश लोगों में जो जन असंतोष व्याप्त है वह बीजेपी के खिलाफ जरूर दिखेगा और उसे महंगा पड़ेगा। खासकर ऐसे समय में बीएसपी ही बेहतर विकल्प बनकर जनता के सामने आनी चाहिए। यह प्रयास हमारा पहले भी था और अब भी है.






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