UP: ठाकुर-ब्राह्मण के साथ अन्य जाति को लेकर आपत्तिजनक सर्वे पर दर्ज हुई FIR | lucknow – News in Hindi

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

24 सेकेंड के इस ऑडियो में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से लेकर मायावती (Mayawati) और योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Government) की चर्चा है. फोन कॉल के ऑडियो में लोगों से जो बातें कही या पूछी जाती हैं उसे गोपनीय रखने की बात कही जाती है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 2, 2020, 1:54 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की ठाकुर-ब्राह्मण राजनीति (Thakur-Brahmin Politics) में नया तड़का लग गया है. इस कड़ी में अब लोगों को टेलीफोन कर एक सर्वे (Telephone Survey) किया जा रहा है. जिसमें पूछा जा रहा है कि क्या योगी सरकार (Yogi Government) में सिर्फ ठाकुर समाज के लिए काम किए जा रहे हैं. 24 सेकेंड के इस फोन सर्वे की बड़ी ही दिलचस्प राजनीतिक कहानी है. मंगलवार सुबह से प्रदेश में कई लोगों को ऐसी फोन कॉल आ चुकी है. अब इस मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई है. एफआईआर एक आईटी कंपनी के खिलाफ दर्ज की गई है जिसकी जांच साइबर सेल करेगी.

कॉल कर मांगी जा रही ये जानकारी

24 सेकेंड के इस ऑडियो में अखिलेश यादव से लेकर मायावती और योगी आदित्यनाथ सरकार की चर्चा है. फोन कॉल के ऑडियो में लोगों से जो बातें कही या पूछी जाती हैं उसे गोपनीय रखने की बात कही जाती है. उत्तर प्रदेश के कई लोग अब कहने लगे हैं कि जैसे अखिलेश यादव ने केवल यादव समाज के लिए काम किया, मायावती ने केवल जाटव समाज के लिए काम किया वैसे ही सीएम योगी केवल और केवल ठाकुर समाज के लिए काम कर रहे हैं. क्या आप इस बात से सहमत हैं? यदि आप इससे सहमत हैं तो एक दबाएं. और अगर आप सहमत नहीं हैं तो दो दबाएं.

खास नंबर से फोन कर लोगों से पूछे जा रहे सवालजिस नंबर से लोगों को फोन किया जा रहा है वो +917447178543 है. फोन नंबर की पहचान बताने वाले ऐप में इसकी डीटेल पॉलिटिकल सर्वे के रूप में दिखाई देती है. इस नंबर पर कॉल नहीं जा पा रही है.

बता दें कि पिछले कई हफ्तों से उत्तर प्रदेश में जाति की राजनीति को लेकर घमासान की स्थिति है. अखिलेश यादव, मायावती और कांग्रेस ब्राह्मण राजनीति को लेकर काफी मुखर हुए हैं. वहीं सत्ताधारी बीजेपी कभी बचाव तो कभी हमलावर मुद्रा में दिखाई दे रही है. ऐसे में फोन पर किए जा रहे इस सर्वे से नई सनसनी मच गयी है. खास बात यह है कि सर्वे के दौरान यह नहीं बताया जा रहा है कि इसे कौन कर रहा है. लेकिन, इतना तय है कि जल्द ही इस मामले में यूपी पुलिस की सक्रियता देखने को मिलेगी.



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