UP: गौशाला खोलने के नाम पर लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा, ऐसे ऐंठते थे मोटी रकम | barabanki – News in Hindi

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गौशाला खोलने के नाम पर लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा (file photo)

आश्रम में पकड़े गए आरोपी (Accused) घनश्याम श्रीवास्तव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उसने बताया कि उसे किसी चेक के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

बाराबंकी. उत्तर प्रदेश के बाराबंकी (Barabanki) जिले में शनिवार को गौशाला (Cow Shelter Home) खुलवाने के नाम पर एक बड़े फर्जीवाड़े (Fraud) का खुलासा हुआ है. जिसके अंतर्गत फर्जी संस्था बनाकर लोगों को लाखों का फर्जी अनुदान देने का लालच देते हैं और फिर उनसे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी करते थे. संस्था चलाने वालों में ऐसे ही सैकड़ों लोगों को अपनी बातों में फंसाकर उनसे मोटी रकम ऐंठ ली है. जहां एक आश्रम के महंत समेत कुछ लोगों से इसी तरह का फर्जीवाड़े के शिकार हुए है.

मामला मसौली थाना क्षेत्र में स्थित संकट मोचन पंचमुखी श्री हनुमान मंदिर से जुड़ा है. जहां के महंत सत्यनारायणानंद दास उर्फ फलाहारी बाबा को कुछ लोगों ने शेल्टर गौशाला खोलने का प्रस्ताव दिया. उन लोगों ने गौशाला खोलने के बदले में 67 लाख रुपए का अनुदान मिलने की बात बताई. साथ ही 67 लाख रुपये के अनुदान के लिए एक फीसदी प्रोसेसिंग फीस भी बाबा से ले गये. फिर कुछ दिन बाद उन्हीं लोगों ने फलाहारी बाबा से बात की और कुछ और लोगों को भी गौशाला खुलवाने के लिए तैयार करने के लिये कहा.

अनुदान का दिया लालच

लेकिन धीरे-धीरे साजिश का राजफाश हो गया और सभी ने मिलकर इन लोगों को पकड़ आश्रम में ही पकड़ लिया और पुलिस को इनके फर्जीवाड़े के बारे में जानकारी दी. जिसके बाद बाबा को जगह-जगह से जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं. आश्रम में साल 2003 से रह रहे महंत सत्यनारायणानंद दास ने बताया कि घनश्याम और प्रमोद नाम के शख्स उन्हें शेल्टर गौशाला खोलने के लिये कहा और बताया कि इसके लिए 67 लाख रुपए का अनुदान मिलता है.प्रोसेसिंग शुल्क में नाम पर धन उगाही

जिसमें से पहली किस्त 35 लाख रुपए की मिलेगी और 1 फीसदी उसका प्रोसेसिंग शुल्क जमा करना होगा. उसी एक प्रतिशत प्रोसेसिंग शुल्क के रूप में मैने इन्हें 17 हजार नकद और 50 हजार रुपये की केनरा बैंक की चेक के रूप में दिया. जो घनश्याम ने अपने एसबीआई अकाउंट में डाला और पैसे निकाल लिये. इसके बाद हमें 23 लाख 45 हजार रुपये की चेक दे दी गई. फिर हमें और गौशाला खुलवाने के लिए कहा गया. जिसके बाद मैंने कुछ और लोगों को बुलवाकर बताया और उनसे गौशाला खुलवाने के लिए कहा. लेकिन धीरे-धीरे इनके पूरे फर्जीवाड़े का भांडाफोड़ हो गया और इनको हमने यहीं रोक लिया.

जिसकी शिकायत मैंने पुलिस से की तो मुझे फोन पर हत्या करवाने की धमकी मिलने लगी और अब मुझे अपनी जान का खतरा लग रहा है. इसलिए मुझे सुरक्षा दी जाए. वहीं आश्रम में पकड़े गए आरोपी घनश्याम श्रीवास्तव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उसने बताया कि उसे किसी चेक के बारे में कोई जानकारी नहीं है क्योंकि उस समय वह बाहर था. इन लोगों ने ऑफिस में जाकर चेक दिया है. उसने बताया कि उसकी जन कल्याण ग्रामोत्थान नाम की सोसायटी है.



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