Two Delhi civil defence marshals held for mobile phone robbery

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दिल्ली में पुलिस की तरह दिखने वाली खाकी वर्दी की आड़ में कुछ दिल्ली सिविल डिफेंस कर्मियों द्वारा फर्जी चालान काटने, मारपीट करने और लूटपाट जैसी काली करतूतें आए दिन सामने आ रही हैं। बीते दो दिन में ऐसे दो मामले सामने आ चुके हैं। नरेला इलाके में एक व्यक्ति से मोबाइल फोन छीनने के आरोप में पुलिस ने सिविल डिफेंस के दो मार्शलों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि आरोपियों की पहचान गौरव (20) और आयुष (20) के तौर पर हुई है, जो नरेला के ही रहने वाले हैं।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरियाणा में सोनीपत का रहने वाला विकास कुमार सोमवार रात साढ़े नौ बजे अपना काम खत्म कर एक रिश्तेदार के साथ घर लौट रहा था। नरेला के एमएसपी मॉल के पास पहुंचते ही बाइक पर दो लोग वहां आए और उन्हें रोका और थप्पड़ मारकर उसका मोबाइल फोन छीन लिया। इस दौरान गश्त पर निकली पुलिस ने शोरगुल की आवाज सुनी और तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस के वहां पहुंचते ही एक मार्शल ने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया और बाइक सवार दूसरे व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों ने अपने नाम बताए और दिल्ली सिविल डिफेंस के मार्शल के तौर पर काम करने की जानकारी दी। उनके पास से विकास कुमार का मोबाइल और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की प्रासंगिक धाराओं के तहत दोनों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है।

गौरतलब है कि एक दिन पहले रविवार को खुद को दिल्ली पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताने और कोविड-19 के नियमों के उल्लंघन पर लोगों का चालान काटने के आरोप में एक सिविल डिफेंस वॉलंटियर को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया था कि आरोपी सुनील कुमार (31) के पास दिल्ली पुलिस का फर्जी आईडी कार्ड था और वह खुद को तिगड़ी पुलिस थाने में तैनात बताता था।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुनील कुमार को रविवार को उस वक्त पकड़ा गया जब वह दक्षिण दिल्ली के संगम विहार में बंध रोड में इस बात की जांच कर रहा था कि लोगों ने मास्क पहने हैं कि नहीं। उसने पुलिस कर्मचारी की वर्दी पहनी हुई थी और संक्रमण से संबंधित दिशानिर्देशों के उल्लंघन में उसने कई लोगों का चालान काटे थे। यह मामला उस वक्त सामने आया जब दिल्ली पुलिस का एक कॉन्स्टेबल अमित घटनास्थल पर वहां पहुंचा और उसने सुनील के आईडी कार्ड की जांच की। सुनील के पास आधार कार्ड, आपदा प्रबंधन ड्यूटी पास और सिविल डिफेंस का आईडी कार्ड भी था। 

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