आज गुरुद्वारा में मनेगा श्री गुरु रामदास जी का प्रकाश उत्सव

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भास्कर न्यूज

लखनऊ। श्री गुरु रामदास महाराज जी का प्रकाश उत्सव आज नाका हिंडोला स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा में बड़ी श्रद्धा एवं सत्कार के साथ मनाया जायेगा।यह जानकारी गुरूद्वारा प्रबन्ध कमेटी के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह बग्गा ने दी।

गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रवक्ता सतपाल सिंह मीत ने बताया कि गुरुवार को श्री गुरु रामदास जी महाराज के प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में दशमेश सेवा सोसाइटी द्वारा एक प्रभात फेरी पर प्रातः 6 बजे फूलों से सुसज्जित भव्य पालकी साहिब में सुशोभित श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी की छत्रछाया में परम्परागत वेशभूषा से सुसज्जित पांच प्यारे की अगुवाई में गुरूद्वारा आर्या नगर से आरम्भ हुई

उक्त पालकी साहिब के आगे श्रद्धालु मार्ग की सफाई करके श्री गुरू ग्रन्थ साहिब जी महाराज की सवारी के लिये मार्ग पर श्रद्धालु ने पुष्प बिछा रहे थे। प्रभात फेरी मोती नगर चौराहा होती हुई गौरिया मठ रोड ,ऐशबाग रोड, डीएवी कालेज रोड, नाका हिण्डोला चौराहा होते हुए ,वापस 8.30 बजे गुरूद्वारा साहिब पहुॅची।

इस प्रभात फेरी में खालसा इण्टर कालेज के बच्चों ने बैण्ड बाजों के साथ एवं उप्र भारत स्काउटस के बच्चों ने भाग लिया। प्रभात फेरी में कई निष्काम जत्थों में सिख यंग मेन्स एसोसिएशन,सिक्ख सेवक जत्था,यूथ खालसा एसोसिएशन, दशमेश सेवा दल, सुखमनी साहिब सेवा सोसाइटी,माता गुजरी सत्संग सभा ने प्रभात फेरी में शबद कीर्तन गायन किया।

प्रभात फेरी के सम्पूर्ण मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा शीतल जल, चाय,बिस्कुट,समोसा और पकौड़ा के स्टाल लगाकर प्रसाद के रूप में वितरित किया ।श्रद्धालुओं को प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष ने गुरू घर का सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। सेवा सोसाइटी के तजिंदर सिंह एवं इंदरजीत सिंह ने बताया कि सायं 6 बजे से 9.30 बजे तक और आज यानी कि शुक्रवार को प्रातः 5 बजे से 10.30 बजे तक व सायं 6 बजे से 9.30 बजे तक दीवान सजेगें

जिसमें रागी भाई हरतीरथ सिंह, हजूरी रागी भाई राजिन्दर सिंह अपनी मधुरवाणी में शबद कीर्तन गायन एवं मुख्य ग्रन्थी ज्ञानी सुखदेव सिंह कथा व्याख्यान द्वारा समूह संगत को निहाल करेंगे।सोसाइटी के सरदार हरविंदर पाल सिंह नीता ने बताया कि

इस अवसर पर सिक्ख सेवक जत्था,सिख यंग मैन एसोसिएशन, श्री सुखमनी साहिब सेवा सोसायटी गुरुद्वारा साहब की सजावट लंगर बांटने और सभी तरह की सेवाएं करेंगी। सभी दीवानों की समाप्ति के उपरान्त गुरु का लंगर भी वितरित किया जायेगा।