अध्यापक जीवन की महत्वपूर्ण कड़ी है,जो हमें तराशते है उनके सहयोग के बिना भारत निर्माण सम्भव नहीं-जितिन प्रसाद

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मंत्री ने छात्र/छात्राओं से किया सीधा संवाद ,उनके वर्तमान एवं भविष्य को लेकर की वृहद परिचर्चा

5 टॉपर छात्राओं तथा 5 टॉपर एससी/एसटी विद्यार्थियों को किया लैपटाप वितरण

एकेडमिक आटोनामी पर एफडीपी पोर्टल का शुभारम्भ

भास्कर न्यूज
लखनऊ।जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में चुनौतियां आती हैं किन्तु गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हमें उन चुनौतियों का सामना करने की क्षमता प्रदान करती है। अध्यापक जीवन की बहुत महत्वपूर्ण कड़ी है जो हमें तराशते हैं। उनके सहयोग के बिना भारत निर्माण सम्भव नहीं है।

 

सहायता हमें आश्रित बनाती है जबकि सुविधाएं एवं संसाधन हमें आत्मनिर्भर बनाते हैं।प्रदेश सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों की आवश्यकताओं,समय की मांग और भावनाओं को ध्यान में रखकर नीतियां बनाना है ताकि आज का विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की चमक से अपने परिवार,समाज प्रदेश एवं देश का नाम विश्व पटल पर रोशन कर सकें।सामान्य परिवारों एवं ग्रामीण अंचलों से आने वाले विद्यार्थियों पर हमें विशेष ध्यान देना होगा ताकि विकास की कोई भी कड़ी कमजोर न हो।

ये बातें प्राविधिक शिक्षा मंत्री जितिन प्रसाद ने मंगलवार को यहां डॉ एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित प्राविधिक शिक्षा का उन्नयन कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने वर्तमान में तकनीकी शिक्षा अर्जित कर रहे विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया, जिसमें छात्र/छात्राओं द्वारा हिन्दी भाषी विद्यार्थियों के लिए प्रतिस्पर्धाओं का सामना करने की तैयारी,प्लेसमेण्ट, तकनीकी शिक्षा के उन्नयन सहित विभिन्न विषयों पर प्रश्नों के माध्यम से अपने वर्तमान एवं भविष्य को लेकर वृहद परिचर्चा की।

 

उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों जिन्होंने कोविड-19 महामारी में अपने प्राण गंवाएं हैं तथा उन विद्यार्थियों के अभिभावकों जिन्होंने कोविड-19 में अपने प्राण गवाएं हैं के प्रति पूरी संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज जो सहयोग प्रदान किया जा रहा है यह एक औपचारिकता है।मेरे दरवाजे सभी जरूरतमंद शिक्षकों और विद्यार्थियों के परिवारजन के लिए हमेशा खुले हैं।

 

श्री प्रसाद ने कहा कि आज सीमित विधार्थियों को लैपटॉप मिल रहा है।जिन विद्यार्थियों को आज लैपटॉप नहीं मिल रहा है वह परेशान न हों। प्रदेश सरकार जल्द ही अन्य विद्यार्थियों को टैबलेट प्रदान करने जा रही है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री और एकेडमिया कनेक्ट को बढ़ाया जायेगा। स्टूडेंट सेंट्रिक पालिसी बनाने के लिए कार्य और तेज किये जायेंगे।उन्होंने कहा कि जल्द ही वह प्रदेश के भिन्न-भिन्न प्राविधिक संस्थानों में जा कर शिक्षकों और विद्याथियों की समस्याओं को सुनकर उनका निदान करेंगे।

 

उन्होंने प्राविधिक शिक्षा के विकास के लिए किये जा रहे कार्यों के लिए विवि के कुलपति प्रो कंसल एवं उनकी टीम को बधाई दी।
प्राविधिक शिक्षा सचिव अलोक कुमार ने कहा कि जल्द ही विवि में इन्क्यूबेशन हब की स्थापना की जाएगी। कहा कि प्रदेश में प्राविधिक शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए एसआईआरएफ रैंकिंग फ्रेमवर्क की शुरुआत की जाएगी। इस रैंकिंग फ्रेमवर्क में समस्त सम्बद्ध संस्थानों को प्रतिभाग करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि विवि हब और स्कोप माडल पर कार्य करेगा।

 

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप को गति देने के लिए हर संभव प्रयास प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा किये जायेंगे। इंडस्ट्री और कार्पाेरेट मेंटरशिप के लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा वृहत स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शासकीय एवं अनुदानित संस्थानों में इन्क्यूबेशन सेंटर्स की स्थापना के लिए 22.64 करोड़ की योजना को शासन द्वारा मंजूरी प्रदान की गयी है।कुलपति प्रो विनीत कंसल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में प्राविधिक शिक्षा मंत्री जितिन प्रसाद बतौर मुख्य अतिथि एवं प्राविधिक शिक्षा सचिव अलोक कुमार बतौर विशिष्ट अतिथि मंचासीन रहे।

 

कार्यक्रम की शुरुआत में विवि के कुलपति प्रो विनीत कसंल ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि प्राविधिक शिक्षा का उन्नयन कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के उत्थान एवं पुनर्वास को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि विवि शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।इस वर्ष एक निजी संस्थान को शैक्षिक स्वायत्तता प्रदान की गयी है। उन्होंने कहा कि एक्रीडिशन के लिए भी विवि प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।

 

कार्यक्रम में कुलसचिव नन्द लाल सिंह ने सभी अतिथियों को धन्यवाद दिया। विवि के वित्त अधिकारी जीपी सिंह, यूपीआईडी, नोएडा के निदेशक प्रो वीरेंद्र पाठक, एफओएपी की डीन प्रो वंदना सहगल, विवि के डीन, अधिकारी एवं लगभग 350 विद्यार्थी उपस्थित रहे। साथ ही 100 संस्थानों के प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन प्रतिभाग किया।18 शिक्षकों के परिवारीजनों को पांच-पांच एवं 467 छात्र-छात्राओं को एक-एक लाख की मदद कोविड-19 महामारी में अपने अभिभावकों को खोने वाले 11 विद्यार्थियों को सांकेतिक रूप से रूपए एक-एक लाख की आर्थिक सहायता के चेकों का वितरण किया गया ।

 

विवि द्वारा ऐसे कुल 467 छात्र-छात्राओं को एक लाख की सहायता धनराशि प्रदान की जा रही है।उत्तर प्रदेश राज्य प्रवेश परीक्षा-2019 की टापर 05 छात्राओं तथा 05 टापर एससी/एसटी विद्यार्थियों को सांकेतिक रूप से लैपटाप का वितरण किया गयाद्य उत्तर प्रदेश राज्य प्रवेश परीक्षा-2019 की 100 टॉपर छात्राओं एवं 100 एससी/एसटी छात्र-छात्राओं लेपटॉप प्रदान किये जायेंगे। साथ ही कार्यक्रम में रिसर्च रिकग्निशन अवार्ड 2021 पोर्टल, केप्टेक 2021 पोर्टल तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं एकेडमिक ऑटोनोमी पर एफडीपी पोर्टल का भी शुभारम्भ किया गया।