Taliban Rule Afghanistan Update; Taliban Fighters Pins Surrender Or Die Letters In Kabul | पश्चिमी ताकतों की मदद करने वालों के दरवाजे पर खत चिपका रहे तालिबानी, लिखा- समर्पण करो या मारे जाओ

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6 मिनट पहले

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दुनिया के सामने नरम सूरत पेश करने की कोशिश कर रहे तालिबान ने आखिरकार अपने पुराने तालिबानी तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। अफगानिस्तान में पश्चिमी ताकतों की मदद करने वालों के घरों के दरवाजों पर तालिबानी अदालत में हाजिर होने के फरमान चिपकाए जा रहे हैं। उनसे कहा जा रहा है कि या तो समर्पण कर दो नहीं तो मारे जाओ। पढ़िए, ऐसे ही एक मददगारों का खौफ, जिसे तालिबान अपना दुश्मन मान रहा है…

ब्रिटिश न्यूज पेपर डेली मेल ने 34 वर्षीय अफगानी नाज से बातचीत की। नाज 6 बच्चों के पिता हैं और उन्होंने ब्रिटिश फौजों को कंस्ट्रक्शन में मदद की थी। नाज ने ब्रिटेन से शरण मांगी है, लेकिन उनकी एप्लीकेशन खारिज कर दी गई। नाज ने बताया, ‘मेरे घर के बाहर खत लगाया गया। ये आधिकारिक था और इस पर मुहर भी लगी हुई थी। ये साफ संदेश था कि वो मुझे मारना चाहते हैं। अगर मैं तालिबानी अदालत में गया तो मुझे मौत की सजा दी जाएगी। अगर मैं नहीं गया तो भी मुझे मार डालेंगे। इसीलिए मैं छिपा हुआ हूं। मैं अफगानिस्तान से बाहर निकलना चाहता हूं, लेकिन मुझे मदद चाहिए।’

ब्रिटिश मिलिट्री के एक ट्रांसलेटर के घर पर भी ऐसा ही खत लगाया गया है। उस पर काफिरों के लिए जासूसी करने का इल्जाम है। कहा गया है कि समर्पण कर दो वरना जान से मार दिए जाओगे। तीसरा खत एक दुभाषिये के भाई को मिला है। तालिबान ने इल्जाम लगाया कि उसने अपने दुभाषिये भाई को पनाह दे रखी है। अब उसे या तो अदालत में हाजिर होना होगा, या फिर उसे कत्ल कर दिया जाएगा।

47 साल के शीर ने कहा कि उनकी बेटी को एक खत मिला। उन्होंने कहा- खत घर के दरवाजे पर कील से लगाया गया था। इसमें मुझे इस्लामी कोर्ट में हाजिर होने का फरमान था। धमकी दी थी कि अगर अदालत में हाजिर नहीं हुए तो शिकारी की तरह तालिबानी खोजकर कत्ल कर देंगे। ये खौफ भरा खत था। आपके लिए और आपके परिवार के लिए खतरा। आप तालिबानी फरमान के आगे झुको या फिर ये निश्चित कर लो कि पकड़े नहीं जाना है। मुझे लगा मैं ब्रिटेन चला जाऊंगा। मेरा नाम भी एयरपोर्ट पर तीन बार पुकारा, पर मैं भीड़ के बीच पहुंच नहीं पाया। अब मैं फंस गया हूं, मेरे दरवाजे पर खत लगा दिया गया है। मेरे परिवार पर तालिबान ने ठप्पा लगा दिया है।

नाज बताते हैं- हमारे लिए खत पूरी तरह से स्पष्ट था। इस्लामी शासन का ठप्पा लगा खत मिला। इस पर मेरा, मेरे पिता का और मेरे गांव का नाम लिखा था। मुझे नाटो सेनाओं का गुलाम कहा गया और ये भी कि चेतावनी के बावजूद मैंने उनके साथ काम करना बंद नहीं किया। मुझे हाजिर होने का आदेश था। अगर मैं ऐसा नहीं करता हूं तो वो मुझे शरिया कोर्ट में भेजा जाएगा, जहां मुझे गैरहाजिर होने के जुर्म में मौत की सजा दी जाएगी। साफ है हुकुम मानो या जान से हाथ धो दो। हम लगातार जगह बदल रहे हैं, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं कर सकते हैं। हमें हर हाल में अफगानिस्तान छोड़ना होगा।

20 साल की यूट्यूबर नजमा की हमले में मौत 26 अगस्त को काबुल एयरपोर्ट पर हुए धमाके में 13 अमेरिकी सैनिकों समेत 170 लोगों की मौत हुई थी। मारे गए आम अफगानियों में एक मुल्क का मशहूर चेहरा भी था। 20 साल की नजमा सादिकी की भी इस हमले में मौत हो गई थी। मौत से चंद घंटे पहले नजमा ने अपना फेयरवेल वीडियो पश्तो में फैन्स के लिए पोस्ट किया था। इसमें कहा था- शायद अब हम कभी न मिलें। लेकिन, मैं चाहती हूं कि हमारे मुल्क में अभी जो हालात हैं, वो किसी बुरे सपने की तरह खत्म हो जाएं। बहरहाल, न तो तालिबानी हुकूमत सपना है और न इसकी सच्चाई देखने के लिए यह यंग यूट्यूबर अब इस दुनिया में मौजूद है।

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