त्योहारों पर कोविड टेस्टिंग व टीकाकरण को लेकर बरतें खास सतर्कता : जिलाधिकारी

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– संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान की तैयरियों पर डीएम ने बुलाई जिला टास्क फ़ोर्स की बैठक

– लक्ष्य के सापेक्ष कम टीकाकरण होने पर माल, मलिहाबाद व काकोरी समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक को जारी किया गया स्पस्टीकरण

– ऐशबाग सीएचसी की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. मंजू चौरसिया को अधीक्षक पद से गया हटाया

भास्कर न्यूज़
लखनऊ।त्योहारों को देखते हुए चलाये जाने वाले कोविड टेस्टिंग व कोविड टीकाकरण तथा जनपद में 18 अक्टूबर से शुरू होने वाले संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक आहूत की गई।

 

बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि अब त्योहारों का मौसम आ गया है, ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज अग्रवाल, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एमके सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर जिलाधिकारी पूर्वी केपी सिंह, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी सहित अन्य अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 

उन्होंने निर्देश दिए कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में फोकस सैंपलिंग पर जोर दिया जाए और कोविड टीकाकरण के लिए चल रही मोबाइल वैन को दो पालियों में चलाया जाए। पहली पाली सुबह सात से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली अपराह्न दो बजे से रात के आठ बजे तक तथा उनके टीकाकरण का लक्ष्य प्रतिदिन एक हजार किया जाए। ज़िलाधिकारी ने यह भी बताया कि दूसरे राज्यों में काम करने वाले लोग त्योहारों पर घरों में छुट्टी मनाने के लिए लौटेंगे।

 

इसलिए ऐसे लोगों की फोकस सैंपलिंग की जाए। निगरानी समितियों को सक्रिय किया जाए, ताकि वह कोविड प्रभावित राज्यों जैसे- केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले लोगों की तत्काल सूचना दें,जिससे उनकी कोविड की जांच की जाए और यदि उनका कोविड का टीकाकरण नहीं हुआ है तो उनका टीकाकरण करवाया जाए।

 

साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जनपद के 24 सेक्टर में व्यापारियों से समन्वय स्थापित कर बाजारों में कोविड टीकाकरण कैम्प लगवाकर टीकाकरण किया जाए। जिले के सभी शापिंग मॉल में अपराह्न एक बजे से रात के नौ बजे तक कोविड टीकाकरण केंद्र खोला जाए।

 

चंद्रिका देवी मंदिर व अन्य प्रमुख मंदिरों में भी मंदिर प्रमुखों से बात कर व्यापक प्रचार प्रसार के साथ कोविड टीकाकरण केंद्र खोले जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन 4 से 5 हजार लोगों का कोविड टीकाकरण किया जाये। दस्तक अभियान के तहत गृह भ्रमण के दौरान जिस भी टीम को किसी घर में ऐसा व्यक्ति मिले जिसका कोविड का टीकाकरण नहीं हुआ है।

 

तो इसकी तत्काल सूचना संबंधित सीएचसी पर दी जाए, ताकि अगले ही दिन टीकाकरण की टीम वहाँ पर पहुँच कर उक्त व्यक्ति का टीकाकरण करे। जनप्रतिनधियों जैसे – सांसदों, विधायक, प्रधान, सभासदों से समन्वय स्थापित कर उनके क्षेत्रों में टीकाकरण कैम्प लगाकर लोगों का टीकाकरण किया जाए।

 

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने कोविड टीकाकरण लक्ष्य के सापेक्ष कम होने पर माल, मलिहाबाद और काकोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है तथा ऐशबाग सीएचसी की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सुनीता चौरसिया के निलंबन के आदेश दिए । इसके साथ ही जिलाधिकारी ने बताया की 18 अक्टूबर से शुरू होने वाला संचारी रोग नियंत्रण अभियान 17 नवंबर तक चलेगा। 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक दस्तक अभियान चलाया

 

जाएगा। दस्तक अभियान संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम का एक घटक है, जिसके अंतर्गत प्रशिक्षित फ्रंटलाईन वर्कर घर-घर भ्रमण कर विभिन्न रोगों के नियंत्रण एवं उपचार की जानकारी देने के साथ ही प्रचार-प्रसार एवं व्यवहार परिवर्तन गतिविधियां संचालित करेंगे।

माइक्रोप्लान के अनुसार स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों को जो भी ऊतरदायित्व दिए गए हैं। उसके अनुसार वह अपने क्षेत्र में गतिविधियाँ आयोजित करना सुनिश्चित करें और इस अभियान को सौ फीसद सफल बनाएं। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरुकता गतिविधियां भी करें। बैठक में उपस्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मनोज अग्रवाल ने बताया कि इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग नोडल विभाग होगा।

इसके साथ ही आईसीडीएस( समेकित बाल विकास सेवा), ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज, शिक्षा, नगर निगम/ शहरी विकास, कृषि, पशु पालन, दिव्यांग, कल्याण, स्वच्छ भारत मिशन, सूचना , संस्कृति एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग भी इस अभियान में सहयोगी के रूप में रहेंगे । सभी विभागों के सहयोग से ही यह अभियान सफल हो पाएगा।वहीं राष्ट्रीय वेक्टरजनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. केपी त्रिपाठी ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के लिए फ्रंटलाइन वर्कर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है।

 

साथ ही ग्राम प्रधानों और शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है।दस्तक अभियान में प्रशिक्षित फ्रंटलाइन वर्कर्स सभी संचारी रोगों पर केंद्रित होने के साथ बुखार के रोगियों की सूची बनायेंगी, कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण एवं लाइन लिस्टिंग करेंगी, कोविड -19 रोग से बचाव के उपायों तथा इस रोग के संभावित रोगियों का चिन्हीकरण एवं लाइन लिस्टिंग करेंगी तथा प्रत्येक मकान पर क्षय रोग के संभावित रोगियों के विषय में जानकारी प्राप्त करते हुए क्षय रोग के लक्षणों वाले व्यक्तियों की लाइन लिस्टिंग करेंगी।