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आज लाइव योगा सेशन (Live Yoga Session) में शरीर को एनर्जी से भरने और ब्रेन मसल्स को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के योग किए. साथ ही कपालभाति और अनुलोम-विलोम का योगाभ्‍यास किया. यह पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार करता है. शरीर को फिट और हेल्दी रखने के लिए योग करना बहुत जरूरी है. योग से न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य (Physical Health) अच्‍छा रहता है, बल्कि इससे मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) भी बेहतर बना रहता है. योग से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी पूरी होती है. योग की मदद से कई बीमारियों से न सिर्फ बचाव ही किया जा सकता है, बल्कि इन्‍हें दूर भी किया जा सकता है. योग करने से शरीर को एनर्जी मिलती है और मन शांत रहता है.

पद्मासन
पद्मासन शब्द दो अलग शब्दों से मिलकर बना है. पद्मासन में पहला शब्द पद्म है, जिसका अर्थ कमल होता है जबकि दूसरा शब्द आसन है, जिसका अर्थ बैठना होता है. पद्मासन में योगी ऐसी स्थिति में बैठता है जैसे कमल का फूल.

पद्मासन के फायदेपद्मासन करने से शरीर को बहुत जबरदस्त फायदे मिलते हैं. अगर आप कभी अशांत और बेचैन महसूस कर रहे हों तो पद्मासन का अभ्यास करें. ये आपके मन को शांत करने में मदद करेगा. इस आसन को अलौकिक ऊर्जा प्राप्त करने, मेडिटेशन या ध्यान करने, चक्र या कुंडलिनी को जाग्रत करने के लिए करते हैं. पद्मासन बहुत ही शक्तिशाली आसन है. ये कमर और हृदय रोगों के लिए बेहतरीन आसन है. इसके तमाम भौतिक और आध्यात्मिक लाभ योगशास्त्र में बताए गए हैं. ये मेडिटेशन के लिए बताए गए बेहतरीन आसनों में से एक है.

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दंडासन
दंडासन, योग मुद्रा का एक सरल आसन है. यह आत्म-जागृति की ऊर्जा के लिए मार्ग बनाता है. इसलिए दंडासन को शक्ति और अच्छे रूप को बढ़ावा देने के लिए आदर्श आसन माना जाता है.

कैसे करें दंडासन
-दंडासन को करने के लिए आप सबसे पहले योगा मेट को फर्श पर बिछा के उस पर बैठ जाएं.
-दोनों पैरों को अपने शरीर के आगे फैलाएं और दोनों को पास-पास रखें.
-दोनों पैरों की उंगलिया आपकी ओर झुकी और खिचीं रहें.
-अपनी जांघों और एड़ी को फर्श में दबाएं.
-अपने दोनों हाथों को सीधे और हथेलियों को जमीन पर रखें. हाथ दोनों कूल्हों के पास में रहने चाहिए.
-अपनी रीढ़ की हड्डी और गर्दन को सीधा रखें.
-अपनी छाती को ऊपर उठाएं और अपने कॉलरबोन को फैलाने के लिए अपने कंधों को थोड़ा सा खींचें.
-सामने की ओर देखें और अपनी सांस को सामान्य रखें.
-आप इस दंडासन को 20 सेकंड से एक मिनट तक करते रहें.
-आप इस आसन को अपनी क्षमता के अनुसार भी कर सकते हैं.

दंडासन के फायदे
-कंधों में खिंचाव के लिए लाभदायक
-रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाता है
-मांसपेशियों को मजबूत करता है
-सायटिका दर्द में लाभकारी
-मस्तिष्क को शांत करता है.

कपालभाति
कपालभाति बहुत ऊर्जावान उच्च उदर श्वास व्यायाम है. कपाल अर्थात मस्तिष्क और भाति यानी स्वच्छता अर्थात ‘कपालभाति’ वह प्राणायाम है जिससे मस्तिष्क स्वच्छ होता है और इस स्थिति में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली सुचारु रूप से संचालित होती है. वैसे इस प्राणायाम के अन्य लाभ भी हैं. लीवर किडनी और गैस की समस्या के लिए बहुत लाभ कारी है. कपालभाति प्राणायाम करने के लिए रीढ़ को सीधा रखते हुए किसी भी ध्यानात्मक आसन, सुखासन या फिर कुर्सी पर बैठें. इसके बाद तेजी से नाक के दोनों छिद्रों से सांस को यथासंभव बाहर फेंकें. साथ ही पेट को भी यथासंभव अंदर की ओर संकुचित करें. इसके तुरंत बाद नाक के दोनों छिद्रों से सांस को अंदर खीचतें हैं और पेट को यथासम्भव बाहर आने देते हैं. इस क्रिया को शक्ति व आवश्यकतानुसार 50 बार से धीरे-धीरे बढ़ाते हुए 500 बार तक कर सकते हैं लेकिन एक क्रम में 50 बार से अधिक न करें. क्रम धीरे-धीरे बढ़ाएं. इसे कम से कम 5 मिनट और अधिकतम 30 मिनट तक कर सकते हैं.

कपालभाति के फायदे
-ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है
-सांस संबंधी बीमारियों को दूर करमे में मदद मिलती है. विशेष रूप से अस्थमा के पेशेंट्स को खास लाभ होता है.
-महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी
-पेट की चर्बी को कम करता है
-पेट संबंधी रोगों और कब्ज की परेशानी दूर होती है
-रात को नींद अच्छी आती है

अनुलोम विलोम प्राणायाम
सबसे पहले पालथी मार कर सुखासन में बैठें. इसके बाद दाएं अंगूठे से अपनी दाहिनी नासिका पकड़ें और बाई नासिका से सांस अंदर लें लीजिए. अब अनामिका उंगली से बाई नासिका को बंद कर दें. इसके बाद दाहिनी नासिका खोलें और सांस बाहर छोड़ दें. अब दाहिने नासिका से ही सांस अंदर लें और उसी प्रक्रिया को दोहराते हुए बाई नासिका से सांस बाहर छोड़ दें.

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अनुलोम विलोम प्राणायाम के फायदे
-फेफड़े मजबूत होते हैं
-बदलते मौसम में शरीर जल्दी बीमार नहीं होता.
-वजन कम करने में मददगार
-पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाता है
-तनाव या डिप्रेशन को दूर करने के लिए मददगार
-गठिया के लिए भी फायदेमंद.



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