ruckus in uddhav thackeray program: Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे के सांगली दौरे में हंगामा, BJP कार्यकर्ताओं समेत 20 पर FIR – bjp workers creates ruckus at sangli in uddhav thackeray program police books twenty

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हाइलाइट्स

  • मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सांगली दौरे में हंगामा
  • बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लगा हंगामा करने का आरोप
  • बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लगाए सरकार विरोधी नारे
  • शिवसैनिकों ने भी बीजेपी के खिलाफ लगाए नारे

सांगली
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के सांगली दौरे के दौरान तब बवाल मच गया, जब बीजेपी कार्यकर्ताओं ने आकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। इस घटना में बीजेपी कार्यकर्ताओं समेत 20 लोगों खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सांगली के हरभट रोड पर मौजूद बाजार पेठ में सोमवार के दिन उद्धव ठाकरे व्यापारियों की व्यथा सुन रहे थे।

इसी दौरान वहां बवाल मच गया, बीजेपी (BJP) कार्यकर्ताओं ने अचानक सरकार के खिलाफ में नारेबाजी शुरू कर दी और रास्ते पर आंदोलन पर बैठ गए। जिसके बाद वहां मौजूद शिवसैनिकों ने भी जोरदार नारेबाजी की। इस वजह से इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को स्थिति अपने नियंत्रण में लेनी पड़ी।

इस पूरे मामले में 20 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। जिसमें दस बीजेपी कार्यकर्ता हैं। सांगली सिटी पुलिस के मुताबिक इस मामले में 6 अज्ञात लोग भी हैं। फिलहाल किसी शिवसैनिक पर मुकदमा नहीं लिखा गया है।

क्या हुआ था
दरअसल 2 अगस्त के दिन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सांगली के दौरे पर थे। गांव-गांव जाकर वे बाढ़ पीड़ित लोगों की परेशानियां जानने की कोशिश कर रहे थे और उन्हें हौसला भी दे रहे थे। दोपहर तकरीबन एक बजे के आसपास मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सांगली के हरभट रोड पर मौजूद बाजार पेठ में पहुंचे। इस दौरान व्यापारियों की समस्याओं को भी उन्होंने जानने का प्रयास किया। लेकिन तभी अचानक बीजेपी कार्यकर्ताओं ने वहां बवाल मचाना शुरू कर दिया।

पुलिस ने परिस्थिति को संभाला
बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा अचानक उत्पात मचाने से शिवसैनिक भी आक्रमक हो गए थे। उन्होंने भी बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी थी। जय भवानी, जय शिवाजी और आवाज कुणाचा, शिवसेनेचा इस प्रकार की नारेबाजी शिव सैनिकों की तरफ से शुरू थी। स्थिति धीरे-धीरे हाथ से बाहर जाती हुई नजर आ रही थी।

लिहाजा वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने तुरंत शिवसेना और बीजेपी कार्यकर्ताओं को शांत करवाया। आलम यह था कि मुख्यमंत्री के जाने के बाद भी 15 मिनट तक दोनों पक्षों की तरफ से वाद-विवाद शुरू था। बीजेपी कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

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