ruckus in Parliament: ‘मार्शलों का बल प्रयोग सांसदों पर परोक्ष रूप से हमला’, शरद पवार ने लगाया सरकार पर आरोप – use of marshals is nothing but indirect attack on member of parliament said ncp chief sharad pawar

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मुंबई
पिछले दिनों और राज्यसभा में सुरक्षाकर्मी यानी मार्शलों के सांसदों के साथ किए गए बल प्रयोग को एनसीपी प्रमुख और देश के सबसे वरिष्ठ सांसद शरद पवार ने सांसदों पर सत्ता पक्ष की तरफ से परोक्ष हमला बताया है।

सोमवार को शरद पवार ने कहा कि पिछले सप्ताह राज्यसभा में हंगामे के दौरान मार्शलों की तरफ से किया गया बल प्रयोग ‘सांसदों पर परोक्ष रूप से किया गया हमला’ था। उन्होंने कहा कि अगर सात केंद्रीय मंत्रियों को मीडिया के सामने आकर सरकार का पक्ष लेना पड़ रहा है, तो इसका मतलब है कि उनकी स्थिति कमजोर है।

54 साल में पहली बार देखा ऐसा मंजर
पवार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनके 54 साल के संसदीय जीवन में सत्र के दौरान कभी 40 मार्शलों को सदन में घुसते नहीं देखा। पवार ने कहा कि सत्र के दौरान सदन में ‘बाहरी’ लोगों के घुसने के आरोप की जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पेगासस के मुद्दे पर बनी संसदीय समिति में अभिषेक मनु सिंघवी, पी. चिदंबरम और कपिल सिब्बल में से किसी एक को शामिल किया जाना चाहिए।

‘जो हुआ मेरे सामने हुआ’
पवार ने कहा कि राज्यसभा में उस दिन जो कुछ भी हुआ, वह मेरे सामने हुआ, क्योंकि मेरी सीट आगे है। कुछ सदस्य वेल में गए। पवार ने बताया कि 40 मार्शलों को बुलाया गया, जिन्होंने सांसदों को धकेला। उनमें दो महिला सांसद शामिल थीं। बहुत से लोग उनकी मदद करने के लिए आए। मार्शलों ने बल प्रयोग किया, जो सांसदों पर परोक्ष रूप से किया गया हमला था। उन्होंने कहा कि संजय राउत (राज्यसभा में शिवसेना नेता) को मार्शलों ने उठा लिया था।

लोकतंत्र के लिए खतरा
पवार ने कहा कि बहुमत के दम पर सरकार विपक्षी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, लेकिन यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। बता दें कि रविवार को सात केंद्रीय मंत्रियों ने राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू से मुलाकात कर विपक्ष के कुछ सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

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