RBI raised concern about cryptocurrency, know what said-क्रिप्टोकरेंसी को लेकर RBI को भी है चिंता, जानिए क्या कहा

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highlights

  • आरबीआई ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अपनी चिंता से सरकार को अवगत कराया है: शक्तिकांत दास
  • सरकार ने इस मसले की जांच का आदेश दिया और इस बाबत जल्द ही फैसला लिया जाएगा 

नई दिल्ली:

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) के गर्वनर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikanta Das) ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय बैंक ने क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को लेकर अपनी चिंता से सरकार को अवगत कराया है. टाइम्स नेटवर्क इंडिया इकोनोमिक की संगोष्ठी में अपना विचार रखते हुए गवर्नर ने कहा कि डिजिटिल करेंसी अलग चीज है और बाजार में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए व्यापार किया जाना बिल्कुल अलग चीज. केंद्रीय बैंक के गर्वनर के बयान का अभिप्राय यह था कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक विधेयक लाने वाली है और तब सभी क्रिप्टोकरेंसियों पर रोक लग सकती है.

उन्होंने कहा कि आरबीआई और सरकार वित्तीय स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है. हमने बाजार में क्रिप्टोकरेंसी के लिए व्यापार केए जाने को लेकर अपनी चिंता से सरकार को अवगत कराया है. सरकार ने इस मसले की जांच का आदेश दिया और इस बाबत जल्द ही फैसला लिया जाएगा.

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सेमीकंडक्टर स्टार्टअप को मिलकर बढ़ावा देंगे आईआईटी-हैदराबाद, आईटी मंत्रालय व एनएक्सपी

आईआईटी-हैदराबाद, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय और एनएक्सपी इंडिया ने पहले ‘सेमीकंडक्टर स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड एक्सेलेरेशन प्रोग्राम’ के शुभारंभ की घोषणा के लिए हाथ मिलाया है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में तकनीकी और व्यावसायिक पहलुओं के साथ-साथ सेमीकंडक्टर और आईपी डिजाइन स्टार्ट-अप का पता लगाना और इसे सुविधा प्रदान करना है. एनएक्सपी इंडिया एनएक्सपी सेमीकंडक्टर्स के लिए सबसे बड़े आर एंड डी केंद्रों में से एक है और एम्बेडेड एप्लिकेशंस के लिए सुरक्षित कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस में एक वैश्विक लीडर है. एक बयान के अनुसार, यह कार्यक्रम भारत को एक आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के देश के दृष्टिकोण का समर्थन करेगा, क्योंकि यह उन स्टार्ट-अप्स का समर्थन करने के लिए एक तैयार मंच बनाता है, जो भारत में सेमीकंडक्टर चिप्स डिजाइन करना चाहते हैं.

बयान में कहा गया है कि उत्पादों के स्थानीय हार्डवेयर डिजाइनिंग और निर्माण से आत्मनिर्भर भारत की कोर प्रौद्योगिकी-चालित सिस्टम पिलर विजन मजबूत होगा और इसके बदले में भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार पैदा होगा और वैल्यू चेन में आगे बढ़ते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में विश्व स्तर पर भारत की स्थिति बढ़ेगी. एनएक्सपी सेमीकंडक्टर के कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी लार्स रेगर ने एक बयान में कहा कि अगले दशक में हमारे चारों ओर बहुत सारे स्मार्ट कनेक्टेड सिस्टमों के साथ एक ‘ऐसी दुनिया, जो प्रत्याशित और स्वचालित होगी’ बनाने के लिए होगी. यह सब उस ग्रह को एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए प्रेरित करेगा, जो रहने के लिए और मजा करने के लिए एक बेहतर स्थान होगा. इन स्मार्ट कनेक्टेड सिस्टम में इसके केंद्र में एक कोर सेमीकंडक्टर तकनीक होती है. उस संदर्भ में, मुझे लगता है कि सेमीकंडक्टर स्टार्टअप इन्क्यूबेशन और एक्सेलेरेशन प्रोग्राम भारत में फैबलेस सेमीकंडक्टर डिजाइन की मजबूती के लिए मुख्य प्रेरणा ला सकता है और मैं इस कार्यक्रम के साथ परिणामों को देखने के लिए बहुत उत्साहित और उत्सुक हूं.

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हर साल प्रत्येक कोहॉर्ट में दो वर्षो की अवधि के लिए पांच स्टार्ट-अप लगाए जाएंगे. प्रतिभागियों में सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन, आईपी डिजाइन, डिजाइन सेवाएं स्टार्टअप के साथ एक आईपी फोकस और चिप डिजाइन टूल संबंधित स्टार्टअप शामिल होंगे. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय साहनी ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि भारत मोबाइल फोन, आईटी हार्डवेयर, ऑटोमोटिव, औद्योगिक और मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स के नवाचार-संचालित वैश्विक विनिर्माण में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए तैयार है.

इनपुट आईएएनएस



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