केजीएमयू में विश्व दृष्टि दिवस पर कार्यक्रम हुआ संपन्न

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‘अपनी आंखो से करें प्यार’के तहत स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने किया जागरूक

दुनिया भर में 285 मिलियन लोग आंखो की समस्या से है पीड़ित—केजीएमयू

भास्कर न्यूज
लखनऊ। दुनिया भर में लगभग 285 मिलियन लोग कम दृष्टि और अंधेपन के साथ रहते हैं। इनमें से 39 मिलियन लोग अंधे हैं और 246 मिलियन लोग मध्यम या गंभीर दृष्टिबाधित हैं। 90 फीसदी नेत्रहीन लोग कम आय वाले देशों में रहते हैं। फिर भी 80 फीसदी दृश्य हानि परिहार्य है,अर्थात आसानी से उपचार योग्य रोकथाम योग्य है।

 

दृष्टि की बहाली और अंधेपन की रोकथाम की रणनीतियाँ स्वास्थ्य देखभाल में सबसे अधिक लागत प्रभावी हस्तक्षेपों में से हैं। नेत्र विज्ञान विभाग ने प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दों के रूप में अंधेपन और दृष्टि हानि के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए गुरूवार को प्रो.अपजीत कौर की अध्यक्षता में केजीएमयू के नेत्र विज्ञान विभाग की ओपीडी में विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।​

 

जिसमें कुलपति ले.जनरल डा.विपिन पुरी व सीएमएस एसएन शंखवार और विभाग के उपस्थित स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अपने—अपने विचार व्यक्त किये।बताया कि विश्व दृष्टि दिवस अक्टूबर के दूसरे गुरुवार को जागरूकता का एक वार्षिक दिन है। इस वर्ष विश्व दृष्टि दिवस की थीम ‘अपनी आंखों से प्यार करें’है। जिसका उद्देश्य अंधेपन सहित दृष्टि दोष पर वैश्विक ध्यान केंद्रित करना है।यह दिन लोगों में जानकारी देने और जागरूकता पैदा करने के लिए समर्पित है।

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन इस पहल में सक्रिय रूप से शामिल है और इस दिन विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों का समन्वय करता है। हर कोई अपने जीवनकाल में एक नेत्र स्वास्थ्य समस्या का अनुभव करेगा और दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोगों के पास नेत्र देखभाल सेवाओं तक पहुंच नहीं है। देश और वैश्विक स्तर पर बड़ी तस्वीर को संबोधित करने के लिए हमें अपने स्वयं के आंखों के स्वास्थ्य के बारे में जागरूक होने की आवश्यकता है। विश्व स्तर पर कम से कम 1 बिलियन लोगों के पास निकट या दूर दृष्टि दोष है, जिसे रोका जा सकता है या अभी तक संबोधित नहीं किया जा सकता है।

 

दृष्टि हानि और अंधापन जीवन के सभी पहलुओं पर प्रमुख और दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है। जिसमें दैनिक व्यक्तिगत गतिविधियां, समुदाय के साथ बातचीत,स्कूल और काम के अवसर और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंचने की क्षमता शामिल है।कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञो का यही उद्देश्य है कि आम जनता को अंधेपन की रोकथाम के बारे में शिक्षित करना है।

 

इसका उद्देश्य न केवल भविष्य में आंखों की देखभाल का दायरा बढ़ाना है बल्कि गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देना भी है। कार्यक्रम का उद्देश्य नेत्र स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलाना और लोगों को आंखो की समस्या का निवारण करने के लिए जांच के लिए प्रेरित करना है।