शारदीय नवरात्रि के पहले दिन घर-घर में विराजी मां, मन्दिरों में गूंजे जयकारे

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– बीकेटी स्थित मां चन्द्रिका देवी मंदिर में लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने किये मां के दर्शन

अजय सिंह चौहान/भास्कर न्यूज़
लखनऊ।राजधानी सहित प्रदेश के सभी मुख्य मन्दिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की सम्भावना को देखते हुए पहले से ही इसकी तैयारियां चल रही थी। वहीं गुरुवार भोर से ही मन्दिरों में श्रद्धालुओं की कतारें दिखाई दीं। वहीं राजधानी में सिद्ध चंद्रिका देवी मन्दिर में पिण्डी स्वरूप में विराजमान मां के दर्शनों के लिए लोग घण्टों तक कतारों में खड़े रहे।

यहां परिसर में भव्य मेला भी आयोजित किया गया है।इसके अलावा चौक स्थित बड़ी काली मन्दिर, लालबाग स्थित काली बाड़ी, चिनहट की मां जानकी मन्दिर, ठाकुरगंज के मां बाघम्बरी पूर्वी देवी सिद्धपीठ मन्दिर, गोमतीनगर के कामाख्या मन्दिर सहित अन्य मन्दिरों में भक्तों का तांता लगा रहा।

वहीं मां चन्द्रिका देवी मंदिर में देवी के जयकारों से पूरा वायुमंडल गूंज उठा। नारियल व चुनरी प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं द्वारा मां को चढ़ाया गया। इस दौरान यहां सुरक्षा के कड़े प्रबन्ध किये गए हैं, और प्रमुख मन्दिर परिसरों में भी सीसीटीवी कैमरे के जरिए सतर्कता बरती जा रही है। वहीं घरों में श्रद्धालुओं ने दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ किया।

नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करने से लोगों को हर मुश्किल से छुटकारा मिल जाता है। इस वर्ष नवरात्रि आठ दिन की है। मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के तहत पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना की गई। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण मां दुर्गा के इस रूप को ‘शैलपुत्री’ कहा जाता है। मां शैलपुत्री बैल पर सवारी करती हैं। और इन्हें वन्य जीव-जंतुओं का रक्षक माना जाता है। माता शैलपुत्री का स्वरुप अति दिव्य है। इनके दाहिने हाथ में भगवान शिव द्वारा दिया गया त्रिशूल है जबकि मां के बाएं हाथ में भगवान विष्णु द्वारा प्रदत्त कमल का फूल सुशोभित है।

नवरात्रि पर कल दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी पूजा, तीसरे दिन मां चन्द्रघंटा, चौथे दिन मां कूष्मांडा, पांचवे दिन मां स्कंदमाता, छठे दिन मां कात्यायनी, सातवें दिन मां कालरात्रि, आठवें दिन अष्टमी और नवमी दोनों होने के कारण मां महागौरी तथा मां सिद्धिदात्री की पूर्जा अर्चना की जायेगी।

मां चन्द्रिका देवी मेला विकास समिति के सदस्य राजेश सिंह चौहान ने बताया कि कोरोना की पहली लहर में मां का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।लेकिन इस नवरात्रि में कोविड के केस कम हो जाने से मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोला गया है।लेकिन फिर भी श्रद्धालुओं को कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार ही मां के दर्शनों के लिए छूट दी गई है।चन्द्रिका देवी मंदिर पर गुरुवार को लगभग एक लाख भक्तों ने दर्शन किए।

मौके पर लोगों ने पिंडदान भी किया। मेला विकास समिति के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने बताया कि पितर पक्ष अमावस्या के एक दिन पहले से ही श्रद्धालु मां चन्द्रिका देवी के दर्शन के लिए पहुंचने लगे थे। प्रभारी निरीक्षक बीकेटी योगेंद्र सिंह ने बताया की मेले में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस मुस्तैद रही, जिससे किसी श्रद्धालु को परेशानी नहीं हुई।