Noida Police took action under Gangster Act against seven accused in 200 crore dry fruits scam case

154

नोएडा के बहुचर्चित ड्राई फ्रूट्स घोटाला मामले में गिरफ्तार किए गए सात लोगों के खिलाफ थाना सेक्टर-58 पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पांच साल पहले 251 रुपये में स्मार्टफोन देने का वायदा कर लाखों लोगों से ठगी करने वाला मोहित गोयल इस गैंग का सरगना बताया जाता है। इन सभी पर ड्राई फ्रूटस कारोबार के नाम पर कंपनी बनाकर करीब दो सौ करोड़ से अधिक की ठगी करने का आरोप है।

अपुर पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) रणविजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए मोहित गोयल, ओम प्रकाश जांगिड़, आकाशदीप शर्मा उर्फ हैरी, पंकज प्रकाश, अमरजीत, सुमिता नेगी उर्फ जैनिया तथा सतन यादव के खिलाफ थाना सेक्टर 58 में धोखाधड़ी के 12 मामले दर्ज हैं।

उन्होंने बताया कि इन ठगों के खिलाफ गुड़गांव, मुरादाबाद थाना फेस- 3 सहित देश के विभिन्न थानों में 24 से ज्यादा धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। इनकी गिरफ्तारी थाना सेक्टर-58 पुलिस ने जनवरी 2021 में की थी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने मोहित के पास से दो लग्जरी कारें और अन्य सामान बरामद किया था। 

मोहित ने तिहाड़ जेल में लिखी थी अरबों रुपये के काजू-किशमिश फ्रॉड की पटकथा 

पुलिस ने बताया कि इस गैंग का मुख्य सरगना मोहित गोयल है जिसने वर्ष 2016 में महज 251 रुपये में स्मार्टफोन देने का दावा कर देश के लाखों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की थी इसके बाद इसने ‘दुबई ड्राई फूड्स हब’ एक कंपनी बनाकर देश के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले थोक व्यापारियों से ड्राई फ्रूट्स, चावल, मसाले आदि खरीदे तथा उन्हें भुगतान के लिए नकद के बजाय चेक दिए, जो बाद में बाउंस हो गए। उन्होंने बताया कि यह घोटाला 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। 

शामली का रहने वाले मोहित गोयल के सपने शुरू से ही बड़े थे। मोहित ने सेक्टर-63 में रिंगिंग बेल नामक कंपनी खोली थी। उसने फरवरी-2016 में फ्रीडम-251 के नाम से स्मार्टफोन लॉन्च किया था और दावा किया था कि वह 251 रुपये में लोगों के हाथ में स्मार्टफोन देगा। इस फोन की जबर्दस्त बुकिंग हुई थी। सात करोड़ से अधिक मोबाइल फोन इस कंपनी में बुक होने के दावे किए गए थे, लेकिन बाद में यह फोन लोगों को नहीं मिले। फोन की बुकिंग करने वाले लोग आज भी परेशान हैं। 

251 रुपए में स्मार्ट फोन का झांसा देने वाला अब कर गया करोड़ों का काजू-किशमिश घोटाला

Source link