Maratha Reservation movement cases: मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए मुकदमे वापस लेगी उद्धव सरकार – uddhav government to take back cases registered while maratha reservation movement

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मुंबई
महाराष्ट्र में बीते साल जुलाई में हुए मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज हुए कई मुकदमों को वापस लेने की तैयारी शुरू हो गई है। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री अशोक चव्हाण ने मंगलवार को इस बारे में बयान देते हुए कहा कि सरकार ने उन मुकदमों को वापस लेने का फैसला किया है, जो कि गंभीर प्रवृत्ति के नहीं हैं।

मीडिया को जानकारी देते हुए अशोक चव्हाण ने कहा कि उद्धव सरकार के गृह विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। जो भी मुकदमे गंभीर प्रवृत्ति के नहीं होंगे, सभी को वापस लिया जाएगा। इससे पहले भी उद्धव सरकार ने भीमा कोरेगांव हिंसा और मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े तमाम मुकदमे वापस लिए थे।

सुप्रीम कोर्ट में उद्धव सरकार ने उतारी वकीलों की फौज
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में मराठा आरक्षण पर लगी रोक को हटवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए महाराष्ट्र सरकार ने कई सीनियर वकीलों को खड़ा किया है। इसमें वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी समेत केंद्र सरकार के साथ काम कर चुके तमाम अधिवक्ता शामिल हैं।

मराठा आरक्षण के लिए लामबंद हुए सभी दल
राज्य सरकार की ओर से तमाम बार ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट से आरक्षण पर लगी रोक हटाई जा सके। सरकार की इस कोशिश को राज्य की महाअघाड़ी में शामिल दलों के साथ-साथ बीजेपी ने भी अपना समर्थन दिया है। साल 2018 में महाराष्ट्र की विधानसभा ने मराठा समुदाय को आरक्षण देने का कानून पास किया था, जिसे राज्यपाल की भी मंजूरी मिली थी।

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