अमेठी स्थित रामबाग धाम में स्थापित हैं राम व रावण की आदमकद प्रतिमाएं

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भास्कर न्यूज
गोसाईंगंज, लखनऊ। दशहरा आने वाला हो अमेठी में स्थित भगवान राम व रावण की आदमकद प्रतिमाओं का जिक्र न हो ऐसा हो नहीं सकता। 15 अक्टूबर को अमेठी का दशहरा है। प्रतिमाओं की रंगाई पुताई करके चमकाया जा चुका है। पूरे लखनऊ जिले में ऐसा दृश्य नजर नहीं आता।बाबा खुशहाल दास की तपोस्थली रामबाग में रावण को हमेशा खड़ा देखा जा सकता है।

 

भले ही रावण का हर साल वध किया जाता है। लेकिन रावण की पक्की मूर्ति बनी होने के कारण रावण फिर भी साल भर वहीं खड़ा रहता है। ऐसा भी नहीं है कि रामबाग बिना राम का है यहां भगवान राम भी रावण के ठीक सामने धनुषबाण लेकर खड़े हैं।

 

गोसाईगंज के अमेठी स्थित दशहरा मेला स्थल का रामबाग नाम बाबा खुशहालदास द्वारा रखा गया था। यहां स्थित तालाब को रमसगरा कहा जाता है। इस बाग में करीब 40 साल से रावण खड़ा है । वर्ष 1904 से दशहरा मेला लगता आ रहा है। 1920ई. में मिट्टी से बनी रावण की प्रतिमा स्थापित की गई थी बरसात में यह प्रतिमा बह जाती थी।

 

1980ई. में सीमेंटेड प्रतिमा का निर्माण कराया गया जो आज भी मौजूद है। मेला प्रबंधक गोकरननाथ वर्मा बताते है कि रावण की प्रतिमा का निर्माण अमेठी निवासी अब्दुल खालिक कुरेशी ने करवाया था बाबा खुशहाल दास की समाधि के बाहर खड़े रावण के सामने वर्ष 2004 में प्रभु श्री राम की प्रतिमा भी स्थापित की गई इसे रघुनाथ प्रसाद सोनकर ने बनवाया था। अमेठी निवासी केतारनाथ वर्मा बताते हैं कि मेले के शुरुआती समय में महीने भर में ₹11 का चंदा वसूला जाता था।

 

अब लोग दिल खोलकर सहयोग करते हैं।केदारनाथ वर्मा के भाई व मेला प्रबंधक गोकरणनाथ वर्मा सहयोगियों सहित मेला में अपना फर्ज निभाते आ रहे हैं इन दिनों राम लखन गुप्ता मेला अध्यक्ष, कुलदीप पांडे, अमित मिश्रा, अनिल कश्यप, चंद्रमणि कांत सिंह, बजरंग वर्मा, दीपचंद वर्मा,अवनीश वर्मा व मेला कमेटी के अन्य सदस्य मेला आयोजन में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।इस बार भी रामबाग धाम में दशहरे मेले का आयोजन चल रहा है।

 

13 अक्टूबर से लेकर 18 अक्टूबर तक आयोजन चलेगा जिसमें रोजाना विभिन्न कार्यक्रम की प्रस्तुति दिखाई जाएगी। कबड्डी, वॉलीबॉल से लेकर रामलीला व रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये जायेंगे।