ईमानदारी के पथ पर चलकर आज लोगों के लिए केएन सिंह बने मिसाल

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स्मृति शेष…
तेज तर्रार लेकिन बहुत मिलनसार थे बाबू केएन सिंह

– पौड़ी गढ़वाल , बनारस, गाजीपुर, बस्ती इत्यादि जिलों में सेवा करने के उपरांत लखनऊ जिले में कई विभागों में रहे नियुक्त

– ईमानदारी, कर्तव्य निष्ठा, लोक सेवा व कर्तव्य परायणता के लिए बाबूजी हमेशा रहे चर्चित

भास्कर न्यूज़

लखनऊ ।सच्चाई की राह पर चलने वाले आईएएस अफसर स्व. केदारनाथ सिंह का जन्म 01 जुलाई 1929 को ग्राम खेमादेई जिला देवरिया में हुआ था।उनकी प्रारंभिक शिक्षा मझौली राज से हुई थी।इंटरमीडिएट की परीक्षा यूपी बोर्ड से पूरे प्रदेश में पांचवा स्थान प्राप्त कर पास किया था।उसके उपरांत उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दाखिला लिया था।उसके बाद उन्होंने इसी विश्वविद्यालय से बीए की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण करने के उपरांत एमए फिलासफी से उत्तीर्ण किया था। तथा विश्वविद्यालय में द्वितीय स्थान प्राप्त किया था। यहीं से इनका चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से डिप्टी कलेक्टर के पद पर वर्ष 1953 में हुआ था हुआ था । संघ लोक सेवा आयोग की भी लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की थी।परंतु साक्षात्कार में स्थान नहीं बना पाए।

 

श्री सिंह ने जनपद बहराइच से अपनी सेवा का प्रारंभ किया। इसके उपरांत पौड़ी गढ़वाल , बनारस, गाजीपुर, बस्ती इत्यादि जनपदों में सेवा करने के उपरांत लखनऊ जिले में कई विभागों में नियुक्त रहे । इसके उपरांत सहारनपुर एवं गाजियाबाद जिलों में लंबे समय तक जिलाधिकारी के पद पर कार्य किया।
उसके बाद गाजियाबाद से ट्रांसफर होकर आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश के रूप में इलाहाबाद में नियुक्त हुए।यहां से उनकी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में सदस्य के रूप में नियुक्ति हुई। इसके उपरांत अध्यक्ष उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के रूप में भी नियुक्त रहे।

 

सेवानिवृत्त होने के उपरांत श्री सिंह भारत स्काउट्स एंड गाइड के प्रदेश अध्यक्ष के भी रहे।उल्लेखनीय है, कि इन सभी नियुक्तियों में उनका कार्य अत्यंत उत्कृष्ट रहा तथा विभिन्न स्तरों से इनकी सेवाओं को सराहा भी गया।

बताते हैं कि अपने सेवाकाल में इन्होंने अपने क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिए विशेष तौर से अपने ग्राम खेमादेई तथा देवरिया जिले के लिए विशेष कार्य किए।इनकी ईमानदारी व कार्यशैली से प्रभावित होकर दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री एवं गवर्नर कल्याण सिंह ने इनको भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई और साथ ही साथ सलेमपुर देवरिया लोकसभा से भारतीय जनता पार्टी की तरफ से वर्ष 1996 – 97 का लोकसभा का चुनाव भी लड़ने का दायित्व सौंपा।

 

किंतु समता पार्टी से गठबंधन के कारण सलेमपुर सीट समता को दी गई।बाबू जी अपने जीवन काल में अपनी ईमानदारी, कर्तव्य निष्ठा, लोक सेवा व कर्तव्य परायणता के लिए हमेशा चर्चित रहे। उनके साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि साहब काफी तेज अफसर थे। वह कर्मचारियों के लिए अधिकारियों से लड़ जाते थे। उनका व्यवहार काफी अच्छा था। किसी को परेशान नहीं करते थे। अगर दिक्कत में देखते तो मदद करते थे।