kanpur mayor controversial statement: Uddhav Thackeray News: कानपुर की मेयर का उद्धव ठाकरे को लेकर विवादित बयान, बोलीं- ‘मैं ऐसा कंटाप मारूंगी कि बत्तीसी हाथ में आ जायेगी’ – kanpur mayor pramila pandey has lodged fir against maharashtra cm uddhav thackeray and said that i will slap him if come to the city

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हाइलाइट्स

  • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर भड़कीं कानपुर की मेयर प्रमिला पाण्डेय
  • प्रमिला पाण्डेय ने उद्धव ठाकरे को कंटाप मारने की बात कही
  • मेयर उद्धव ठाकरे के उस विवादित बयान से नाराज हैं जिसमें उन्होंने योगी आदित्यनाथ को चप्पल मारने की बात कही थी
  • मेयर प्रमिला पाण्डेय ने इस बाबत एफआईआर भी दर्ज करवाई है

मुंबई
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Narayan Rane) के बाद अब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर शहर की मेयर प्रमिला पाण्डेय (Kanpur Mayor Pramila Pandey) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने उद्धव ठाकरे को कंटाप मारने की बात कही है।

दरअसल प्रमिला पाण्डेय उद्धव ठाकरे (Maharashtra CM Uddhav Thackeray) के इस बयान से इतनी ज्यादा नाराज थीं कि वे अपना आपा खो बैठीं और गुस्से में पार्टी अनुशासन और सामाजिक जीवन में कैसे शब्दों का उपयोग किया जाना चाहिए, वे यह सब भी भूल गईं। उन्होंने उद्धव ठाकरे (FIR Against Uddhav Thackeray) के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवाया है।

क्या बोलीं प्रमिला पाण्डेय
उद्धव ठाकरे के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चप्पल से मारे जाने वाले बयान को लेकर प्रमिला पाण्डेय ने कहा, ‘अगर उद्धव ठाकरे उत्तर प्रदेश में आ जाए तो मैं उन्हें बता दूंगी कि चप्पल कैसे चलाई जाती है। मैं उन्हें चप्पल तो नहीं मारूंगी। यह हमारी पार्टी की संस्कृति नहीं है। लेकिन मैं उन्हें ठूसा( घुसा) मार-मार कर बेदम कर दूंगी। मैं इंतज़ार नहीं करूंगी, मैं वो कंटाप मारूंगी की उसकी बत्तीसी हाथ में जायेगी। ठाकरे में अगर दम हो तो वो कानपुर (Kanpur) में किसी हवाई अड्डे, बस स्टॉप या रेलवे स्टेशन पर आकर दिखाएं। अगर अपनी मां का दूध पीया है तो आकर दिखा दें। मैंने अपनी मां का दूध पीया है मैं उनको बता दूंगी’। आपको बता दें कि सीएम उद्धव ठाकरे ने कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश के सीएम को लेकर चप्पल से मारने वाला विवादित बयान दिया था।

पिता से मिली विरासत
प्रमिला पाण्डेय ने कहा कि उद्धव ठाकरे को राजनीतिक विरासत बाल ठाकरे से मिली हुई है। उन्होंने खुद के दम पर कुछ भी नहीं किया है। उन्हें जनता के दुख दर्द के बारे में कुछ नहीं पता है। लेकिन हमारे मुख्यमंत्री ने सांसद रहते हुए जनता के दुख दर्द को समझा है। वे जनता की तकलीफ समझते हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग महाराष्ट्र को छोड़ देंगे। उस दिन वहां के लोग दाने-दाने को मोहताज हो जाएंगे। उद्धव ठाकरे के खिलाफ मेरा संघर्ष जारी रहेगा।

नारायण राणे ने भी दिया था विवादित बयान
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को कान के नीचे थप्पड़ मारने वाला विवादित बयान दिया था। राणे के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल आ गया था और उन्हें महाराष्ट्र के चिपलुन शहर में स्थानीय पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था। जिसके बाद अदालत ने उन्हें किसी भी तरह के विवादित बयान ना देने का आदेश दिया था।

महापौर का दुर्भाग्यपूर्ण बयान
वहीं शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मेयर साहिबा को उद्धव ठाकरे के उस बयान के पीछे के हालातों को समझना चाहिए। वे कई बार अयोध्या जा चुके हैं। राम मंदिर बने ऐसी उनकी भूमिका है। बीजेपी नेत्री कितनी सुसंस्कृत हैं, यह उनके उद्धव ठाकरे के सन्दर्भ में दिए बयान से समझ आता है। उनका बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही उनके बयान से बीजेपी का चरित्र और चेहरा समझ में आता है। उद्धव ठाकरे का सम्मान पूरे देश में है। वे उन्हें कानपूर या उत्तर प्रदेश आने से क्या रोकेंगी, उनको जवाब देने के लिए हमारे शिवसैनिक कानपूर में भी मौजूद हैं।

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