IPL 2021: इन खामियों के कारण स्थगित हुआ आईपीएल, BCCI ने की ये बड़ी गलतियां

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<p style="text-align: justify;"><strong>IPL 2021:</strong> आईपीएल बायो बबल कई कारणों से टूटा, लेकिन इसकी सबसे बड़ी वजह बीसीसीआई का खुद सभी चीजों को मैनेज करने का फैसला, लागत में कटौती और इंडिया बेस्ड कंपनियों पर भरोसा करना रहा. चलिए जानते हैं विस्तार से पूरा मामला…</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>1)</strong> पिछले आईपीएल में बायो बबल का मैनेजमेंट रेस्ट्रेटा (Restrata) नाम की प्रोफेशनल कंपनी ने किया था, जो ट्रैकिंग डिवाइस और बायो सिक्योर सॉल्यूशंस प्रदान करने में पारंगत थी. इस बार आईपीएल को देसी बनाने के लिए खुद ही बायो सिक्योर बबल, हॉस्पिटल वेंडर और टेस्टिंग लैब की प्रक्रिया को दोहराने और मैनेज करने का फैसला किया गया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>2)</strong> मैच खेलने के लिए कई शहरों के लिए हवाई यात्रा करना सबसे बड़ा मुद्दा रहा. पता चला है कि साहा, बालाजी और मिश्रा मुंबई से दिल्ली आते समय एयरपोर्ट टर्मिनस पर पॉजिटिव हो गए. सभी टीमों ने राज्य सरकार से प्राइवेट एक्सेस ट्रैक (Termac) की मांग की थी, जिसे खारिज कर दिया गया और इससे कोविड का खतरा बढ़ गया. यूएई में खेले गए मैचों के दौरान किसी तरह की हवाई यात्रा शामिल नहीं थी.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>3)</strong> हर समय खिलाड़ियों द्वारा पहने जाने वाली ट्रैकिंग डिवाइस FOB खराब निकलीं. यह डिवाइस एक चेन्नई बेस्ड कंपनी से खरीदी गई थीं, जो खिलाड़ियों के मूवमेंट को ट्रैक नहीं कर पाई. इसलिए बीसीसीआई को यह सोचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है कि ये डिवाइस कहां से और कैसे खरीदें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>4)</strong> बायो बबल के बाहर रहने वाले सदस्यों के लिए टेस्टिंग और क्वारंटीन प्रोटोकॉल पिछली बार जितने अच्छे नहीं थे, जो टूर्नामेंट जारी रखने के लिए जरूरी हैं. ग्राउंड्समैन, होटल स्टाफ, ग्राउंड कैटरिंग, नेट बॉलर, डीजे, ड्राइवर के टेस्टिंग की प्रक्रिया पिछली बार की तरह मजबूत नहीं थी. इसके अलावा कई शहरों में मैच होने से लोगों के कई समूह हर बार बदलते रहते थे. इस बार बायो बबल, टेस्टिंग प्रोसेस में कई खामियां निकलीं. जबकि यूएई में यह चीजें काफी अच्छी थीं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>5)</strong> कई शहरों में जिस होटल में टीम रुकती थी, वह पूरा होटल पूरे टूर्नामेंट के लिए रिजर्व रहता था. हालांकि कई शहरों में होटल के कुछ कमरे अन्य मेहमानों को दिए गए.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>6)</strong> प्रत्येक फ्रेंचाइजी ने सेंट्रल प्रोटोकॉल के बजाय अपने सदस्य और स्टाफ के लिए अलग बायो बबल तैयार किया था.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>7)</strong> टीम फ्रैंचाइजी और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने आईपीएल को विदेश में आयोजित कराने की स्पष्ट रिक्वेस्ट की थी, लेकिन बीसीसीआई ने इसे इंडिया में कराने का फैसला किया.</p>

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