Independence Day 2020: स्वतंत्रता दिवस पर अच्छी लाइफस्टाइल के लिए इन 3 बुरी आदतों से लें ‘आजादी’ | health – News in Hindi

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अगर आप बार-बार अपनी बुरी आदतों को छोड़ने की कोशिश करके थक-हार चुके हैं तो इस बार आजादी के मौके पर इनसे दूर होने का लक्ष्य तय करें.

15 अगस्त के अवसर पर इस बार आप अपनी अच्छी लाइफस्टाइल (Lifestyle) के लिए बुरी आदतों (Bad Habits) से आजादी (Freedom) लेने का संकल्प लें. आज के दौर में लोग पैसे कमाने के लिए शरीर और स्वास्थ्य से समझौता करने लगे हैं. यही कारण है कि वह आसानी से बड़ी बीमारियों के गिरफ्त में आ जाते हैं.

आज के आधुनिक समय में लोगों का जीवन बीमारियों ये घिर गया है. ऐसे में जरूरी है कि हम खुद को स्वस्थ (Healthy) रखने के लिए बुरी आदतों से दूर हो जाएं. इन बुरी आदतों को अच्छी आदतों में बदलने के लिए आजादी का दिन यानी स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) से अच्छा मौका और कुछ नहीं हो सकता. कोरोना काल में स्वतंत्रता दिवस के जश्न को कुछ अलग तरीके से मनाने का ये कुछ अलग तरीका हो सकता है. 15 अगस्त के अवसर पर इस बार आप अपनी अच्छी लाइफस्टाइल (Lifestyle) के लिए बुरी आदतों (Bad Habits) से आजादी लेने का संकल्प लें. आज के दौर में लोग पैसे कमाने के लिए शरीर और स्वास्थ्य से समझौता करने लगे हैं.

यही कारण है कि वह आसानी से बड़ी बीमारियों के गिरफ्त में आ जाते हैं. इसलिए जरूरी है कि आप खुद से वादा करें कि अब आप अच्छे स्वास्थ्य की ओर कदम बढ़ाएंगे. अपनी बुरी आदतों को बदलने की कोशिश तो हर किसी की होती है पर इन्हें छोड़ना मुमकिन नहीं हो पाता है. अगर आप भी बार-बार अपनी बुरी आदतों को छोड़ने की कोशिश करके थक-हार चुके हैं तो इस बार आजादी के मौके पर इनसे दूर होने का लक्ष्य तय करें. आइए जानते हैं कौन सी हैं वो 3 बुरी आदतें जिन्हें छोड़ने की सबसे ज्यादा जरूरत है.

कोसना या अपशब्दों का इस्तेमाल करना
गुस्से में कोसना या गाली देना कोई शिष्टाचार नहीं है. थोड़े समय के लिए ये आपके दर्द और दुख को भले ही कम करता हो लेकिन इन अपशब्दों के इस्तेमाल से आप अपने व्यवहार में खराब होते हुए नजर आते हैं. धीरे-धीरे ये आपकी आदत में शुमार हो जाता है. बार बार गुस्सा आने पर आपके मुंह से अपशब्द निकलने लगते हैं और आप बड़े छोटे का लिहाज करना तक भूल जाते हैं. ऐसे में इस बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपनी इस बुरी आदत से छुटकारा पाने की कोशिश करें.नकारात्मक सोच

किसी भी व्यक्ति की सोच उसके स्वभाव को सबके सामने रखती है. नकारात्मक सोच आपको नेगेटिविटी से भर देती है और ऐसे में आप सारे काम गलत करने लगते हैं. नकारात्मक सोच वाले व्यक्ति आंतरिक भावनाओं के मामले में कमजोर होते हैं और इमोशनली कोई काम न कर पाते हैं और न ही दूसरों की भावनाओं को समझ पाते हैं. वह अपनी देखभाल भी अच्छे से नहीं कर पाते. ऐसे में मन के अंदर पॉजिटिविटी लाना बहुत जरूरी है. इस बार आजादी के पर्व पर अपने अंदर के नकारात्मक सोच को बाहर निकालते हुए पॉजिटिव बनें. सकारात्मकता सफलता के पथ खोलती है और इंसान सही गलत में अंतर कर पाता है.

नशे से हो जाएं मुक्त
अगर आप किसी तरह का नशा करते हैं तो इस बार आजादी के पर्व के मौके पर उस नशे से दूर रहने का संकल्प लें. इसकी मदद से आप अच्छे स्वास्थ्य की ओर बढ़ सकेंगे. पूरे देश में युवा पीढ़ी को नशे से मुक्त और दूर रखने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. ऐसे में आजादी के दिन इसे एक अच्छी पहल कहा जा सकता है. नशे से मुक्त होकर देश को सही राह पर ले जाएं और विकास का पथ खोलें. आने वाली पीढ़ी को अच्छी सोच प्रदान करें.



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