ICC ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के दूसरे सीज़न के लिए प्वाइंट सिस्टम में किया बदलाव, अब एक मैच जीतने पर मिलेंगे इतने अंक

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<p style="text-align: justify;"><strong>WTC 2:</strong> इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के दूसरे सीज़न के लिए प्वाइंट सिस्टम में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है. अब विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के दूसरे सीज़न के दौरान एक मैच जीतने पर 12 अंक (प्वाइंट्स) मिलेंगे. डब्ल्यूटीसी के दूसरे चक्र की शुरुआत भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ के साथ होगी.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>टेस्ट के ड्रॉ होने पर मिलेंगे चार अंक&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align: justify;">आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के दूसरे सीज़न में मुकाबला टाई होने पर दोनों टीमों को छह-छह जबकि ड्रॉ होने की स्थिति में चार-चार अंक मिलेंगे. वहीं एक टेस्ट जीतने पर 12 अंक मिलेंगे. आगामी हफ्तों में आईसीसी के मुख्य कार्यकारियों की समिति बैठक में अंक प्रणाली में बदलाव को स्वीकृति दी जानी है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">आईसीसी बोर्ड के सदस्य ने कहा, "पहले प्रत्येक सीरीज़ के समान 120 अंक होते थे, फिर चाहे यह दो टेस्ट की सीरीज़ हो या पांच टेस्ट की सीरीज़ हो. लेकिन अगले चक्र में प्रत्येक मैच के समान अंक होंगे, जिसमें अधिकतम 12 अंक प्रति मैच होंगे." उन्होंने आगे कहा कि टीमों ने मैच खेलकर जो अंक हासिल किए हैं, उनके प्रतिशत अंकों के आधार पर टीमों की रैंकिंग तय होगी.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">बोर्ड के सदस्य ने कहा, "लक्ष्य यह है कि प्वाइंट सिसटम (अंक प्रणाली) को सरल बनाने का प्रयास किया जाए और किसी भी समस्य तालिका में टीमों की सार्थक तुलना की जा सके, फिर भले ही उन्होंने अलग संख्या में मैच और सीरीज़ क्यों नहीं खेली हो."</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>न्यूजीलैंड रहा पहले सीज़न का विजेता&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गौरतलब है कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के पहले सीज़न के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को आठ विकेट से हराकर खिताब पर कब्जा किया. इसका फाइनल मुकाबला साउथैंप्टन में 18 से 23 जून के बीच खेला गया था. दरअसल, आईसीसी ने इस मुकाबले के लिए एक रिजर्व डे रखा था, और दिलचस्प बात यह रही कि मुकाबले का नतीजा रिजर्व डे वाले दिन यानी छठे दिन ही निकला.&nbsp;</p>

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