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immune system kills cancer cells: यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही कैंसर (cancer) की रोकथाम में कष्टदायक कीमोथेरेपी (chemotherapy) की जगह इम्यून थेरेपी (Immune therapy) दी जाएगी. इस थेरेपी के तहत मरीज का अपना ही इम्यून सिस्टम (Immune system) कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करने में सक्षम हो सकेगा. अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा (University of Minnesota) के शोधकर्ताओं ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की है. दरअसल, प्रत्येक जीव में अपना इम्यून सिस्टम यानी अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली होती है जो बॉडी में बाहरी संक्रमण से बचाती है. लेकिन कई ऐसी घातक बीमारियां हैं जिनमें कमजोर इम्यून सिस्टम कारगर नहीं हो पाता है. कैंसर भी ऐसी ही एक घातक बीमारी है. अब तक कैंसर कोशिकाओं को रेडिएशन या केमिकल के माध्यम से खत्म करने की कोशिश की जाती है लेकिन अब इम्यून थेरेपी से कैंसर की कोशिकाओं का खात्मा किया जा सकता है.

इम्यून सेल्स में इंजीनियरिंग होगी
साइंसडेली की रिपोर्ट के मुताबिक यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया है कि अगर इम्यून सेल्स यानी रोग प्रतिरक्षा कोशिकाओं में इंजीनियरिंग कर दी जाए तो ये कोशिकाएं खुद ही ट्यूमर से लड़ने में सहायक हो जाएगी. सीधे शब्दों में कहें तो इम्यून सिस्टम की कोशिकाओं में उलट-फेर कर दिया जाएगा. इससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली खुद ही कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में सक्षम हो जाएगी. वैज्ञानिकों की इस खोज के बाद अगर यह थेरेपी जमीन पर उतरती है तो लाखों कैंसर रोगियों को फायदा होगा. उन्हें रेडिएशन या केमिकल प्रोसेस के कष्टप्रद इलाज से भी निजात मिल जाएगा. यह अध्ययन नेचर कम्युनिकेशन के वर्तमान अंक में प्रकाशित हुआ है.

टी सेल सिपाही की तरह लड़ेगा
शोधकर्ताओं ने बताया कि शरीर के खून में मौजूद श्वेत रक्त कोशिकाएं (white blood cell WBC) में साइटोक्सिक टी सेल (Cytotoxic T-cells) पाया जाता है. यह टी सेल आक्रमणकारी सेल को खोजकर उसे नष्ट करने में सहायक होगा. यानी टी सेल एक सिपाही की तरह काम करेगा जो कैंसर कोशिकाओं को पनपने ही नहीं देगा. आमतौर पर कैंसर के मामले में ट्यूमर जब सघन हो जाता है तो यह रेडिएशन की मदद से भी नष्ट नहीं होता लेकिन इम्यून थेरेपी में सघन ट्यूमर को भी टी सेल नष्ट कर सकता है.

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