जीका वायरस की दस्तक से स्वास्थ्य विभाग हुआ सक्रिय

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2005 James Gathany This 2005 photograph depicts a female Aedes aegypti mosquito, which is the primary vector for the spread of Dengue fever, The responsible virus that causes Dengue is maintained in the mosquito’s life cycle, and involves humans to whom the virus is transmitted when bitten. The female mosquito pictured here, is shown as she was obtaining a blood meal by inserting the feeding stylet through the skin, and into a blood vessel. Blood can be seen being drawn up through the stylet, and into the mosquito’s mouth. Aedes aegypti is a domestic, day-biting mosquito that prefers to feed on humans; Dengue is spread by the female A. aegypti only, for the male does not bite. Infection with dengue viruses produces a spectrum of clinical illness ranging from a nonspecific viral syndrome to severe and fatal hemorrhagic disease.

Important risk factors for DHF include the strain and serotype of the infecting virus, as well as the age, immune status, and genetic predisposition of the patient. Primarily a disease of the tropics, Dengue fever is an infectious disease carried by mosquitoes, and is caused by any of four related dengue viruses: DEN-1, DEN-2, DEN-3, and DEN-4. This disease used to be called “break-bone” fever because it sometimes causes severe joint and muscle pain. A person can be infected by at least two, if not all four types at different times during a life span, but only once by the same type.

3472 घरों के सर्वेक्षण में 34 डेंगू रोगी मिले

भास्कर न्यूज
लखनऊ।नवीनतम सूचना के अनुसार प्रदेश के ​कुछ जनपदों में जीका वायरस के कुछ रोगी प्रकाश में आये है।जीका वायरस रोग एक मच्छरजनित नया उभरता रोग है। जीका वायरस जीनस फ्लेविवायस तथा फैमिली फ्लेविविरिडी के अन्तर्गत आता है।जिसको दृष्टिगत रखते हुए जीका वायरस से बचाव के लिए सतर्कता बेहद आवश्यक हैै।

 

सीएमओ ने सोमवार को इसके लिए समस्त राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों,नर्सिग होम,पैथालाजी आदि को दिशा-निर्देश निर्गत कर दिये गये है।रोगी द्वारा दो सप्ताह पूर्व किसी ऐसे देश की यात्रा की हो जहॉ जीका रोग का प्रसार होने के साथ यह लक्षण जिसमें बुखार एवं शरीर पर दाने (चकत्ते)बुखार (37.2 ̊C) या इससे अधिक अथवा निम्न में से कोई लक्षण।

जोड़ो या मांसपेशियों में दर्द ऑखे लाल होना,सिर में दर्द व भारीपन महसूस करना।इसके बचाव के​ लिए जीका वायरस रोग का नियन्त्रण नियमित वेक्टर सर्विलांस एवं एकीकृत प्रबंधन द्वारा किया जाना चाहिए।जिससे जल एकत्रित करने वाले पात्रों का मच्छर के लार्वा व प्यूपा की उपस्थिति के लिए हाउस इनडेक्स ,कंटेनर इनडेक्स,यानी कि जहां जहां पर

जल भराव हो सर्वेक्षण नियमित रूप से किया जाना चाहिए।व्यस्क मच्छरों का सर्वेक्षण लैडिंग,बाइटिंग कलेक्शन, रेस्टिंग कलेक्शन तथा ओविपॉजिशन ट्रैप द्वारा किया जाना चाहिए। वेक्टर नियन्त्रण के लिए भूमिगत पानी का संग्रहण स्थान,बडे जल निकायों आदि में लार्वा नष्ट करने वाले कीटनाशकों तथा लार्वा भक्षण करने वाली मछलियों का प्रयोग उपयोगी है।

 

डेंगू रोग के प्रभावी नियन्त्रण के लिए सीएमओ के निर्देशानुसार नगर मलेरिया इकाई एवं जिला मलेरिया अधिकारी की टीम द्वारा बाबू बनारसी दास, इस्माइलगंज, ऐशबाग, शारदानगर, राजाजीपुरम, मल्लाही टोला, त्रिवेणीनगर वार्ड के आस-पास के क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान क्षेत्रीय जनता को घर के आस-पास पानी जमा न होने, पानी से भरे हुए बर्तनों एवं टंकियों को ढक कर रखने, कुछ समय अन्तराल पर कूलर को खाली करके साफ कपडे से पोछ कर सूखा एवं साफ करने के बाद ही पुनः प्रयोग में लाने, पूरी बाह के कपडे पहनने,

 

बच्चों को घर से बाहर न निकलने एवं मच्छर रोधी क्रीम लगाने एवं मच्छरदानी में रहने तथा डेंगू एवं मच्छर जनित रोगो से बचाव के लिए‘‘क्या करें, क्या न करें’’ सम्बन्धी स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की गयी।

जनपद के रेडक्रास, अलीगंज, काकोरी, सिलवर जुबली, टूडियागंज, मलिहाबाद, इन्दिरानगर, चिनहट, एनके रोड, आलमबाग, आदि क्षेत्र में कुल 34 डेंगू धनात्मक रोगी पाये गये।कुल 3472 घरों तथा विभिन्न मच्छरजनित स्थितियों का सर्वेक्षण किया गया और कुल 12 घरों में मच्छरजनित स्थितियां पाये जाने पर नोटिस जारी किया गया।