Film producer Ajay Yadav arrested by Delhi Police from Mathura for duping businessman

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सस्ते रेट पर लोन दिलाने के बहाने दिल्ली के एक कारोबारी से 32 लाख रुपये ठगने के आरोपी एक बॉलीवुड फिल्म निर्माता को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार किया है। आरोपी फिल्म निर्माता की पहचान अजय यादव के तौर पर हुई है।

पुलिस ने सोमवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी यादव ने इसी तरह के तौर-तरीकों का इस्तेमाल कर पहले भी कई कारोबारियों को ठगा था। पुलिस ने कहा कि उसे मुंबई, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया। 

पुलिस ने बताया कि अजय यादव सिरीन प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक है और छह बॉलीवुड फिल्मों- ओवरटाइम, भड़ास, लव फिर कभी, रण बांका, सस्पेंस और साक्षी का निर्माता है। पुलिस ने कहा कि उसने ठगी की सारी रकम फिल्मों के निर्माण में लगा दी, लेकिन उनमें से ज्यादातर फ्लॉप हो गईं, जिससे उसे भारी नुकसान हुआ। उसे पूर्व में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और मुंबई क्राइम ब्रांच की कांदिवली यूनिट ने गिरफ्तार किया था।   

ओखला औद्योगिक क्षेत्र में कारोबार करने वाले राहुल नाथ नामक शख्स ने पुलिस को बताया कि वह अपना कारोबार बढ़ाना चाहता थे और उन्हें 65 करोड़ रुपये के लोन की जरूरत थी। पुलिस ने कहा कि राहुल के एक परिचित ने अखबार में एक विज्ञापन देखकर आरोपी अजय यादव से उसका परिचय कराया।

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी द्वारा निर्मित ‘साक्षी नाम की एक फिल्म हाल ही में रिलीज हुई थी। अधिकारी ने कहा कि एक पुलिस टीम को मुंबई भेजा गया, जिसमें पाया गया कि आरोपी मध्य प्रदेश के इंदौर में था। पुलिस ने बताया कि बाद में मथुरा में उसकी मौजूदगी का पता चला, जिसके बाद छापेमारी की गई और आरोपी को पकड़ लिया गया। वह 2015 से फरार था। दिल्ली पुलिस अजय यादव से पूछताछ कर उसकी ठगी के शिकार हुए लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने अजय यादव को 2012 में भी गिरफ्तार किया था। उसे 2001 और 2002 में धोखाधड़ी के दो मामलों में भगोड़ा भी घोषित किया गया था। उस वक्त उस पर उसके साथी आर.के. वाधवा द्वारा धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। यादव ने कथित तौर पर फर्जी शेयर प्रमाणपत्र बनाए थे और उन्हें अवैध रूप से बेचा था। वाधवा ने उनके खिलाफ चेक बुक चोरी और दुरुपयोग का मामला भी दर्ज कराया था। यादव ने अपने साथी के जाली चेक के माध्यम से रकम का गबन करके अपने ही साथी को धोखा देना शुरू कर दिया था और फिर दूसरों के साथ भी इस तरह का अपराध करता रहा। वह 2007 में दिल्ली से फरार हो गया और मुंबई के अंधेरी पश्चिम में रहने लगा था।

बता दें कि, मथुरा का रहने वाला अजय यादव कॉमर्स ग्रेजुएट हैं और 1998 में पश्चिम एशिया में सब्जियों और फलों के एक्सपोर्ट का व्यवसाय शुरू करने के लिए दिल्ली आया था।



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