कर्मचारी शिक्षक संघ ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर दिया धरना

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30 नंवबर को कर्मचारी शिक्षक संघ अपनी मांगों के लिए करेंगे रैली—संघ

भास्कर न्यूज

लखनऊ।कर्मचारी शिक्षक संघ ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश भर के कर्मचारी व शिक्षकों ने पुरानी पेंशन की बहाली,कार्मिक व शिक्षकों सहित जनपद के कर्मचारी व शिक्षकों ने बड़ी संख्या में जनपदीय मंच के अध्यक्ष सुधांशु मोहन की अध्यक्षता में जिलाधिकारी आवास के सामने गुरूवार को सरोजनी नायडू पार्क में एकत्र होकर धरना दिया।

वहीं कलेक्र्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने बताया कि सरकार हमारी मांगों को नही पूरा किया तो 30 नवंबर को इको गार्डेन में रैली करेंगे।प्रमुख मांगों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने,शिक्षा मित्रों,अनुदेशकों के स्थायीकरण वेतन विसंगतिया दूर करने,सभी रिक्त पदों पर पदोन्नति करने के लिए धरना देकर अपनी मांगों का समर्थन किया।

 

मंच के प्रदेश अध्यक्ष डा.दिनेश चन्द्र शर्मा ने धरने को सम्बोधित करते हुए कहा कि अब तक कर्मचारी संगठनों की मांगों पर पूर्व की सरकारें समस्याओं का निराकरण करती थी। कहा यह पहली बार है जो कर्मचारियों द्वारा अपने संघर्षो से अर्जित की गयी उपलब्धि रही है।

 

कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते का 10 हजार करोड़ का भुगतान सरकार ने रोका हुआ है। एक दर्जन से अधिक भत्ते समाप्त कर दिये गये हैं। 5 वर्ष के कार्यकाल में एक भी शिक्षक को पदोन्नति नहीं दी गयी है। शिक्षा मित्र व अनुदेशकों को भुखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है।सरकार संवेदनशून्य बनी हुई है।मंच के प्रधान महासचिव सुशील कुमार त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश के कार्मिकों के लिए कैशलेस चिकित्सा के लिए नियमावली बन जाने के बाद भी लागू नहीं की गयी।

 

विभागाध्यक्ष की संस्तुति के बाद भी कलेक्ट्रेट को विशिष्ट प्रतिष्ठा प्रदान करते हुए ग्रेड वेतन उच्चीकरण करने का शासनादेश जारी नहीं किया गया। 6 जनपदों को मिनी सचिवालय घोषित करने के बाद भी अन्य औपचारिकताये पूर्ण नहीं की गयीं है। प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री संजय सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार कर्मचारी व शिक्षक विरोधी है,इस बार शिक्षक व कर्मचारी एकजुट होकर अपनी मांगों को मनवाने के लिए आन्दोलन कर रहा है।

 

सरकार को मांगे माननी पड़ेगी अन्यथा सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल संघ के महामंत्री अरविन्द कुमार ने बताया कि कलेक्ट्रेट कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के पद पर पदोन्नति करने का निर्धारण नहीं किया गया। सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियां सभी विभागों के लिए लागू नहीं की गयी हैं। मंच के महासचिव राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री शिवबरन यादव ने कहा कि प्रदेश के मुख्य सचिव के बार-बार निर्देशों के बावजूद भी

 

उन्हीं के अधिकारियों द्वारा सेवा संघ के पदाधिकारियों से वार्ताएं नहीं की जा रही है यही कारण है कि कर्मचारियों की मांगें लम्बित है और अब तक कर्मचारी शिक्षक अधिकारी एवं पेंशनर्स अपने अधिकारों के लिए विवश हुए हैं।मंच का संचालन जनपदीय प्रधान महासचिव अशोक कुमार श्रीवास्तव के द्वारा किया गया।

 

धरने में शामिल डा.आरपी मिश्र,नरेन्द्र वर्मा, अमितापी, नरेन्द्र सिंह, वीरेन्द्र सिंह, फहीम वेग,आर त्रिवेदी, सुभाष चन्द्र तिवारी,अभिनाश श्रीवास्तव,महेन्द्र सिंह डोलिया,रवि सिंह,राजेश सिंह, संदीप सिंह,गौरव त्रिपाठी, राम अचल, सनील एखलाक,शिशिर किशोर श्रीवास्तव,प्राहलाद जोशी,राज श्रषि त्रिपाठी,विवेक कुमार,धर्मेन्द्र सिंह, अभय प्रकाश,पवन कुमार सिंह,एनडी द्विवेदी,सुरेश यादव,अमरजीत मिश्र,विचित्र कुमार साहू,पूजा सिंह,रवि चौहान,फहीम अख्तर सहित संध के पदाधिकारियों ने सम्बोधित किया।