blood shortage in maharashtra: only eight days blood is left in blood banks of state: आव्हाड ने कहा कि राज्य के ब्लड बैंकों में सिर्फ 8 दिनों के लिए ही खून बचा हुआ है

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हाइलाइट्स:

  • महाराष्ट्र के गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने जनता से रक्तदान की अपील की
  • आव्हाड ने कहा कि राज्य के ब्लड बैंकों में सिर्फ 8 दिनों के लिए ही खून बचा हुआ है
  • उन्होंने कहा कि अगर समय पर खून की किल्लत खत्म नहीं हुई तो परेशानी बढ़ सकती है।
  • कोरोना ने संक्रमण के चलते लोग रक्तदान के लिए नहीं आ रहे हैं

मुंबई
महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और (NCP) एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड (Minister Jitendra Avhad) ने राज्य के युवाओं से रक्तदान (Blood Donation Appeal) करने की अपील की है। आव्हाड ने बताया कि महाराष्ट्र में अब सिर्फ 8 दिनों का स्टॉक ही ब्लड बैंक में बचा हुआ है। ऐसे में अगर समय पर रक्तदान नहीं किया गया तो हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने जनता के राज्य के युवाओं से अपील की कि सड़क पर या अस्पताल में कोई मरीज खून की कमी (Shortage of Blood) से मरे यह महाराष्ट्र को शोभा नहीं देता। ऐसे में सभी लोग आगे आएं और रक्तदान करें।

वहीं मुंबई की मेयर किशोरी पेडणेकर (Mayor Kishori Pednekar) में कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा है कि हालात धीरे-धीरे बेकाबू हो रहे हैं। बावजूद इसके जनता अपनी लापरवाहियां कम करने को तैयार नहीं है। फिर ने कहा कि बढ़ते मामलों की वजह से अस्पतालों में बेड और वेंटिल्टर्स की कमी भी देखने को मिल रही है।

मंदिर बंद करने पड़ेंगे

किशोरी पेडणेकर ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए शहर और राज्य के धार्मिक स्थलों को भी बंद करना पड़ेगा। धार्मिक स्थलों पर लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है। ऐसे में कोरोना फैलने का खतरा ज्यादा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी को इस मामले पर राजनीति करनी है जबकि हमें जनता की जान का ख्याल रखना है।

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इमारतों में कोरोना बढ़ रहा है
किशोरी पेडणेकर ने कहा कि राज्य में मुंबई में झुग्गी- झोपड़ी के मुकाबले शहर की इमारतों में कोरोना के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि फिल्म के लोगों ने यह दिखा दिया है कि कोरोना के खतरे को कैसे कम कर सकते हैं लेकिन इमारतों के लोग अभी भी लापरवाही बरत रहे हैं। मेयर ने कहा कि लोगों की मांग है कि शहर और राज्य में लॉकडाउन ना लगाया जाए लेकिन लोग अपनी आदतों में सुधार लाने को भी तैयार नहीं है। हालात अगर इसी तरह से रहे तो लॉकडाउन लगाने के सिवा दूसरा कोई विकल्प नहीं है।

Blood Shortage in Maharashtra

राज्य के ब्लड बैंकों में सिर्फ 8 दिनों के लिए ही खून बचा हुआ है

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