black, white, yellow fungus infected patient dies due to Toxemia

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इंसानी शरीर में 80 तरह के फफूंद (Fungus) पाए जाते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

खून के संक्रमित हो जाने को टॉक्सेमिया कहते हैं. जिस मरीज की मौत हुई वे कोरोना संक्रमित तो थे ही, वे ब्लैक, व्हाइट और येलो फंगस से भी पीड़ित थे. इस बीच उन्हें टॉक्सेमिया ने भी घेर लिया था.

गाजियाबाद. गाजियाबाद (Ghaziabad) में कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित और ब्लैक, वाइट, येलो फंगस से पीड़ित 59 वर्षीय एक मरीज की मृत्यु हो गई. मरीज का इलाज कर रहे डॉक्टर ने शनिवार को इस बारे में बताया.

टॉक्सेमिया के शिकार हो गए कुंवर सिंह

यह मरीज शहर के राजनगर इलाके के हर्ष अस्पताल में भर्ती था. आंख, नाक, गला (ईएनटी) रोग विशेषज्ञ डॉ बीपी त्यागी उनका इलाज कर रहे थे. उन्होंने बताया, ‘कुंवर सिंह का इलाज चल रहा था. लेकिन टॉक्सेमिया (खून का विषाक्त होना) की वजह से शुक्रवार शाम 7:30 बजे उनकी मृत्यु हो गई.’ डॉक्टर त्यागी ने बताया कि कुंवर सिंह शहर के संजय नगर से वकील थे और कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद हाल में उन्होंने उपचार के लिए उनसे संपर्क किया था.

येलो फंगस का शिकार है मुरादनगर का एक रोगीत्यागी ने कहा, ‘24 मई को एंडोस्कोपी जांच के दौरान उनमें ब्लैक और व्हाइट के अलावा येलो फंगस संक्रमण का भी पता चला था.’ उन्होंने कहा कि उनके अस्पताल में मुरादनगर के 59 वर्षीय एक अन्य रोगी का भी इलाज चल रहा है, जिसमें येलो फंगस के संक्रमण की पुष्टि हुई है. उन्होंने कहा, ‘मुरादनगर के रहने वाले राजेश कुमार के मस्तिष्क के पास फंगस संक्रमण का पता चला. उनका आधा जबड़ा हटा दिया गया है.’ उन्हें भी टॉक्सेमिया था, लेकिन संक्रमण का स्तर कम था. मरीज का अभी फंगस रोधी उपचार चल रहा है.

कोरोना वायरस के 1,957 एक्टिव मरीज

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में शुक्रवार को कोरोना वायरस के 1,957 एक्टिव मरीज थे और संक्रमण से अब तक 432 लोगों की मौत हुई है.







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