BKU भानू गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राकेश टिकैत और ‘भारत बंद’ पर उठाए सवाल, पूछा- इससे किसानों को क्या फायदा होगा?

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कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने 27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। इस बंद को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने सवाल खड़े करते हुए इसे तालिबानी बताया है। उन्होंने कहा, जो भारत बंद की घोषणा कर रहे हैं, वो ये तो बताएं कि किसानों के किस फायदे के लिए ये कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग देश में तालिबानी गतिविधियों को बढ़ाना चाहते हैं।

भारत बंद का विरोध करते हुए भानु प्रताप सिंह ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि, “मैं भारतीय किसान यूनियन(भानु) के प्रदेश के ब्लॉक से लेकर तहसील, जिला, मंडल, प्रदेश के सभी पदाधिकारियों से आह्वान करता हूं, इस भारत बंद का विरोध करें, कोई समर्थन ना करें।” उन्होंने इसी साल 26 जनवरी को लाल किले पर हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि, “मैं सरकार से भी निवेदन करना चाहता हूं, कि ऐसे संगठन जो आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त हैं, उनका सरकार ध्यान रखे, और उन्हें दबाने की कोशिश करें।”

बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ भानु प्रताप सिंह के संगठन ने किसान आंदोलन में भाग लिया था लेकिन 26 जनवरी की हिंसा के बाद उन्होंने खुद को इससे अलग कर अपना आंदोलन समाप्त कर लिया था। तब से ही उन्होंने कई बार राकेश टिकैत को लेकर बयान दिए। इससे पहले मार्च 2021 में भानू प्रताप ने आरोप लगाया था कि दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे संगठन कांग्रेस द्वारा भेजे गए हैं।

उन्होंने कहा कि हमें 26 जनवरी को ही जानकारी मिल गई थी कि, इन संगठनों को कांग्रेस से फंड मिल रहा है। जिसमें 26 जनवरी को पुलिस पर हमले किए गए और लाल किले पर दूसरा झंडा फहराया गया। उसी दिन से हम इस आंदोलन को खत्म कर वापस आ गए।

वहीं संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से सोमवार को बुलाए गए भारत बंद को कई राजनीतिक दलों ने भी समर्थन दिया है। पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, RJD नेता तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने भी इस बंद को समर्थन दिया है। वहीं कांग्रेस ने यह भी कहा है कि वह सोमवार को विरोध-प्रदर्शन में शामिल होगी।

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