BJP विधायक के बय़ान पर बवाल, जोधा-अकबर की नहीं हुई थी लव-मैरिज, सत्ता के लिए दांव पर लगाया था बेटी को, बाद में मांगी माफी

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मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के हुजूर विधानसभा से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने हिंदुत्व धर्म संवाद कार्यक्रम में कहा कि जोधा-अकबर के बीच विवाह प्रेम के चलते नहीं बल्कि सत्ता की चाह में हुआ था। सागर जिले में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा विधायक ने कहा कि, “जब लोग सत्ता के लोभी हो जाएं और सत्ता के लिए बेटी को दांव पर लगा दें, ऐसे लुटेरों से भी सावधान रहो, जो तुम्हारे हैं और पर धर्म को धोखा दे सकते हैं।” हालांकि जब इसपर बवाल बढ़ा तो उन्होंने माफी मांग ली।

क्या कहा था: इसका एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें रामेश्वर शर्मा जोधा-अकबर के बीच प्रेम विवाह नहीं बल्कि सत्ता के लिए बेटी को दांव पर लगाने का मामला बताया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में रामेश्वर शर्मा ने सवाल किया कि “जोधा बाई-अकबर के बीच क्या कोई मोहब्बत थी? क्या दोनों किसी कॉलेज में मिले थे? क्या वो कॉफी हाउस में मिले थे?”

कांग्रेसी प्रवक्त बताया अपमान: इस वीडियो को शेयर करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अवनीश सिंह बुंदेला ने सवाल करते हुए ट्वीट में लिखा कि, “रामेश्वर जी जोधाबाई के चरित्र पर उंगली उठाकर आप राजपूत समाज का अपमान कर रहे हैं। क्या यही आपकी हिंदू संस्कृति? कुछ साल पहले आप ही लोग जोधा अकबर फिल्म का पुरजोर विरोध करते थे, कहते थे हिंदुत्व का अपमान है, आज क्या हुआ?”

वहीं रामेश्वर शर्मा से जब इस बयान को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि, हिंदू धर्म क्षत्रिय महाराणा प्रताप और छत्रसाल जैसे राजपूतों के चलते ही सुरक्षित रहा, जो मुगलों के सामने झुकें नहीं, तलवारों से दो-दो हाथ किए, हमें उनपर गर्व है। वहीं जोधाबाई के पिता मान सिंह के बारे में उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने समाज और देश के साथ धोखा किया, वो अपना निर्णय खुद कर लें।

बवाल बढ़ा तो मांगी माफी: बता दें कि इस मामले ने जब विवाद का रूप लिया तो उन्होंने सोशल मीडिया पर एक नोट्स में अपनी सफाई देते हुए माफी मांग ली। उन्होंने लिखा कि, चालाक मुगलों की फूट-नीति का वर्णन कर रहा था, मेरा मकसद राजपूत समाज को ठेस पहुंचाना नहीं था। मैं सदैव हिंदुत्व के रक्षक महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज चाहौन की गौरव गाथा का वर्णन करता रहा हूं। मैं कभी राजपूत समाज पर उंगली नहीं उठा सकता।

उन्होंने लिखा कि, अगर फिर भी मेरे द्वारा किसी भी राजपूत हिंदू भाई को ठेस पहुंची हो तो मैं उसके आगे 100 बार झुकने को तैयार हूं, और क्षमा चाहता हूं।

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