BIG Breaking: RLD अध्यक्ष अजीत सिंह का कोरोना से निधन, गुरुग्राम के अस्पताल में चल रहा था इलाज

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रालोद अध्यक्ष अजीत सिंह का निधन

RLD Chief Ajit Singh Passed Away: अजीत सिंह का जन्म 12 फरवरी 1939 को मेरठ में हुआ था. वे पूर्व प्रधानमंत्री और देश के बड़े किसान नेता चौधरी चरण सिंह के बेटे थे.

बागपत. राष्ट्रीय लोक दल (Rashtriya Lok Dal) के अध्यक्ष और पश्चिम यूपी के लोकप्रिय जाट नेता अजीत सिंह (Ajit Singh) का कोरोना संक्रमण (Corona Infection) की वजह से निधन हो गया.  अजीत सिंह और उनकी पोती 22 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हुई थीं. इसके बाद से उनका इलाज गुरुग्राम के अस्पताल में चल रहा था. जबकि वह 4 मई से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे और आज सुबह उनका निधन हो गया. हालांकि अजीत सिंह की पोती की तबीयत सही बताई जा रही है.अजीत सिंह के निधन से राजनैतिक गलियारे में  शोक की लहर हैं. राष्ट्रीय लोक दल के नेता अजीत सिंह का जन्म 12 फरवरी 1939 को मेरठ में हुआ था और वे पूर्व प्रधानमंत्री और देश के बड़े किसान नेता चौधरी चरण सिंह के बेटे थे. वे भारतीय राजनीति के एक बड़े चेहरे थे. मौजूदा समय में वे किसान नेताओं के बड़े नेताओं में शुमार थे. उनके निधन पर समाजवादी पार्टी और बीजेपी समेत तमाम राजनीतिक दलों ने शोक जताते हुए इसे भारतीय राजनीति की अपूरणीय क्षति बताया है. समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर जताया शोक समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर लिखा, ‘राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह जी का निधन, अत्यंत दुखद! आपका यूं अचानक चले जाना किसानों के संघर्ष और भारतीय राजनीति में कभी ना भरने वाली जगह छोड़ गया है. शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना! दिवंगत आत्मा को शांति दे भगवान.’यूपी की राज्यपाल ने जताया शोक उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने आरएलडी के अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है.राज्यपाल ने दिवंगत आत्मा की शान्ति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रेषित की है. पश्चिम यूपी की राजनीति की दिशा तय करते थे अजीत सिंह
चार बार केंद्रीय मंत्री रहे अजीत सिंह की राजनीतिक पहुंच का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे कांग्रेस की नेतृत्व वाली यूपीए और बीजेपी की सरकार में मंत्री रहे. उन्होंने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को बखूबी आगे बढ़ाया और वे एक बार राज्य सभा सांसद और सात बार लोक सभा सांसद रहे. हालांकि 2014 और 2019 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.







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