As a mother-in-law, daughter-in-law took 16 years of pension, due to her own lapse, she had to go to jail.

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सास बनकर बहू 16 तक लेती रही पेंशन, आखिर में पकड़ी गई.

यूपी के इटावा में सास बनकर पेंशन लेने वाली बहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. मामला जिले के सहसो इलाके के सिंडोस गांव का है. जहां बहू ने अपने सैनिक ससुर की मौत के बाद सास बनकर करीब 16 सालों तक ना केवल पेंशन ली, बल्कि फंड आदि में भी हाथ साफ किया.


  • Last Updated:
    March 25, 2021, 12:21 AM IST

इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा में सास बनकर पेंशन लेने वाली बहू को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. यह सनसनीखेज मामला जिले के सहसो इलाके के सिंडोस गांव से सामने आया है. जहां बहू ने अपने सैनिक ससुर की मौत के बाद सास बन करीब 16 सालों तक ना केवल पेंशन ली, बल्कि फंड आदि से हाथ भी साफ किया. असल में साल 2019 में 17 नंवबर को इटावा जिले के सहसों इलाके के सिंडौस गांव में अमोल सिंह और शिवकुमार सिंह के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस ने इस मामले मे आरोपी विद्यावती के खिलाफ विवेचक अवनीश कुमार ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया.

इस आरोप पत्र के खिलाफ विद्यावती का पति अमोल सिंह ने हाईकोर्ट प्रयागराज में एक याचिका दाखिल की. जिसमें अमोल सिंह ने विधावती के खिलाफ लगाए गए आरोप पत्र पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया कि पुलिस ने जिस विद्यावती के खिलाफ आरोप पत्र लगाया है, वो मेरी पत्नी नही, मां हैं. इस पर अदालत ने पुलिस को जमकर लताड़ लगाते हए निर्देश दिया कि इस तथ्य की सही से जांच की गई. पुलिस ने अदालत मे पक्ष रखा कि विधावती तो जीवित हैं. अदालत मे कहा कि अगर विद्यावती जीवित हैं तो फिर उसको अदालत मे पेश किया जाए. अदालत के आदेश पर जब कार्यवाई शुरू हुई तो विद्यावती को जेल जाना पड़ा और अन्य लोगों की तलाश शुरू हो गई है.

सास बनकर दिवंगत फौजी गंगाराम सिंह रजावत की सालों से पेंशन ले रही. उसकी बहू विद्यावती समेत छह लोगों के खिलाफ इटावा के सहसो थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उन्हें प्रयोग करने व अमानत में खयानत की धारा में रिपोर्ट दर्ज की. इसके बाद बहू विद्यावती को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया और वहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. जबकि मामले में आरोपी अन्य लोगों की पुलिस तलाश कर रही है.

फर्जी दस्तावेज तैयार कराने की ये है कहानी सहसों थाना क्षेत्र के सिंडोस गांव निवासी फौजी गंगाराम की पत्नी शकुंतला देवी उर्फ शांति बाई की काफी पहले मौत हो गई थी. वर्ष 1985 में गंगाराम की भी मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, सास व ससुर की मौत के बाद विद्यावती ने वर्ष 2004 में फर्जी दस्तावेज तैयार कराए. इसके बाद वह दस्तवेजों में सास शकुंतला बन गई. उसने कुछ लोगों की मदद से फर्जी दस्तावेज के सहारे सास ने नाम पर ससुर की पेंशन लेना शुरू कर दी. उसने 16 वर्षों तक गंगाराम की पत्नी बनकर करीब 15 लाख रुपये पेंशन के तौर पर लिए, जिन्हें धोखाधड़ी में शामिल साथियों के साथ आपस में बांट लिए.

विद्यावती के बैंक खाते व पेंशन के दस्तावेजों का मिलान करके आरोपी से सेना के धन की वसूली की करने की प्रकिया अपनाई जाएगी. विद्यावती ने भारतीय सेना से वर्ष 2004 से 2018 तक पेंशन ली है. हाईकोर्ट में दर्ज कराए गए विद्यावती के बयानों और उससे पूछताछ के आधार पर पुलिस यह कार्रवाई की है. मामले के विवेचक दरोगा रामबली सिंह यादव ने बताया कि बैंक के अभिलेखों मिलान करने पर जानकारी हुई कि लगभग 15 लाख रुपए पेंशन के तौर पर विद्यावती ने लिए हैं. इसकी रिकवरी की जाएगी।

गहनता से जांच में खुलती गईं पर्तें 

इटावा के पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ओमवीर सिंह ने बताते है कि यह मामला बडा ही पेचीदा दिखा जब इस मामले की गहनता से जांच की गई तो एक के बाद एक करके पर्ते खुलती चल गई. पुलिसिया जांच मे सामने आया कि महिला का सास बन कर पेंशन ले रही थी अदालत के स्तर पर महिला के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की गई जब कि अन्य आरोपियो की तलाश की जा रही है.







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