anil deshmukh cbi enquiry: Anil Deshmukh News: देशमुख को क्लीन चिट नहीं, वायरल डॉक्यूमेंट पर CBI ने दी सफाई – no clean chit given to anil deshmukh said cbi viral document was fake

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मुंबई
राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ 100 करोड़ रुपये की कथित वसूली के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के आरोपों की प्राथमिक जांच में सीबीआई को अनिल देशमुख के खिलाफ कोई प्रमाण नहीं मिले। यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीबीआई ने इस रिपोर्ट का खंडन किया है। सीबीआई ने कहा है कि उसने अनिल देशमुख को कोई क्लीन चिट नहीं दी है। सीबीआई की जो रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई है, उस पर किसी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं। इसलिए इस रिपोर्ट में कोई सत्यता नहीं है। सीबीआई के मुताबिक, वायरल रिपोर्ट पर जिस अधिकारी का नाम है, अनिल देशमुख के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में वही अधिकारी शिकायतकर्ता है।

क्या है वायरल डॉक्यूमेंट में
बता दें कि इससे पहले जो कथित तौर पर जो सीबीआई डॉक्यूमेंट वायरल हुआ है, उसमें अनिल देशमुख को क्लीन चिट दे दी गई थी। इसमें लिखा हुआ था- अनिल देशमुख द्वारा कोई संज्ञेय अपराध नहीं किया गया है। कथित रिपोर्ट के प्वाइंट 8 में कहा गया है कि इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि तब के गृहमंत्री या फिर उनके पीएस संजीव पलांडे ने किसी हुक्का बार के मालिक से पैसा इकट्ठा करने की बात कही थी। उस रिपोर्ट में परमबीर सिंह पर भी गंभीर सवाल उठा दिए गए थे। कहा गया था कि उन्हें पूरे विवाद की जानकारी फरवरी-मार्च में थी, लेकिन फिर भी वे लंबे समय तक चुप रहे।

एनसीपी-कांग्रेस ने खोला मोर्चा
मीडिया में इस रिपोर्ट को उछाले जाने के बाद एनसीपी और कांग्रेस की तरफ से सीबीआई और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया था। एनसीपी के प्रवक्ता और राज्य के मंत्री नवाब मलिक ने इस मामले में सीबीआई से स्पष्टीकरण देने की मांग की। वहीं एनसीपी के एक और मंत्री हसन मुश्रीफ ने पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर दी है। उन्होंने सिंह को वर्दी वाला लुटेरा करार दिया है।

दूसरी तरफ, कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने रविवार को दावा किया कि सीबीआई के जांच अधिकारी ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की वसूली करने के आरोपों में उनकी कोई भूमिका नहीं पाई थी और उन्होंने जांच बंद कर दी थी, लेकिन केंद्रीय एजेंसी ने एक साजिश के तहत प्राथमिक रिपोर्ट रद्द कर दी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘हम यह पता लगाने के लिए इस षड्यंत्र की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग करते हैं कि किसके कहने पर सीबीआई ने जांच अधिकारी की रिपोर्ट को रद्द करके अपना रुख बदला?

अनिल परब को ईडी का समन, मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया
इधर, रविवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महाराष्ट्र के परिवहन और संसदीय कार्य मंत्री एवं शिवसेना नेता अनिल परब को पूर्व मंत्री अनिल देशमुख एवं अन्य से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

महाविकास आघाड़ी सरकार में संसदीय कार्य मंत्री परब को ईडी की ओर से कहा गया है कि वह दक्षिण मुंबई में एजेंसी के कार्यालय में मामले के जांच अधिकारी के समक्ष मंगलवार को पेश हों।

परब को ईडी की ओर से समन दिए जाने के बाद महाराष्ट्र में राजनीति फिर तेज हो गई है। बीजेपी नेता और नारायण राणे के बेटे नितेश राणे ने बयान जारी कर कहा है कि अगर हिम्मत है तो अनिल परब ईडी के समक्ष पेश हों। वहीं, शिवसेना सांसद संजय राउत ने ईडी के समन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘बहुत बढ़िया, जैसे ही जन आशीर्वाद यात्रा समाप्त हुई, अनिल परब को ईडी द्वारा उम्मीद के अनुरूप नोटिस भेजा गया। केंद्र सरकार ने अपना काम शुरू कर दिया। भूकंप का केंद्र रत्नागिरी था। परब जिले के प्रभारी मंत्री हैं। घटनाक्रम को समझिए। हम कानूनी रूप से इस लड़ाई को लड़ेंगे। जय महाराष्ट्र।’

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