Akhilesh Yadavs cousin Abhishek Yadav won by 16254 votes, paving the way for becoming District Panchayat President

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UP: सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई ने जिला पंचायत चुनाव जीत लिया है. (File Photo)

UP Panchayat Election: सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव 16254 मतों से जीत लिया है. इसके साथ ही उनके जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो गया है.


  • Last Updated:
    May 3, 2021, 7:39 PM IST

इटावा. समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव जिला पंचायत सदस्य के चुनाव मे रिकार्ड मतों से जीत गये हैं. अभिषेक यादव के एक बार फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष बनने की संभावनाएं बढ़ गई हैं. उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई द्वितीय सीट से जिला पंचायत सदस्य के रूप से अभिषेक यादव 16254 मतों से जीते हैं. इसके साथ ही अभिषेक के निकटतम विरोधी भाजपा प्रत्याशी अवनीश यादव को 6356 मत मिले हैं. सैफई द्वितीय से 77 बूथ से सपा प्रत्याशी को कुल 22610 वोट मिले. वहीं भाजपा प्रत्याशी अवनीश यादव को 6356 वोट प्राप्त हुए. यह सभी बूथ सैफई के आसपास गांव के है जहां समाजवादी पार्टी से मतदाताओं ने खुलकर नाराजगी जाहिर की और भाजपा को वोट दिया है. भाजपा प्रत्याशी ने समाजवादी पार्टी का गढ़ मुलायम सिंह यादव के गांव से भी वोट प्राप्त किये. सैफई के आसपास गांवों में भाजपा प्रत्याशी ने वोटों में खूब सेंध लगाई और बहुत ही दमदारी से चुनाव लड़ कर उसने 6356  मत प्राप्त किये. सैफई के आसपास के गांव में मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में मतदान करके अपनी नाराजगी साफ जाहिर की है. किसी समय सैफई गांव के आसपास जहां अन्य पार्टियों के पोलिंग एजेंट तक नहीं बनते थे. न ही अन्य पार्टियों के बस्ते लगते थे. उन गांव में आज भारतीय जनता पार्टी को वोट मिल रहा है. भाजपा प्रत्याशी अवनीश यादव के चुनाव की कमान उनके भाई अजय यादव ने संभाली थी. अजय यादव राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े है. अपनी जीत के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव ने दावा किया है कि एक बार फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी का ही कब्जा होगा. अभिषेक यादव ने जिला पंचायत सीट पर काबिज होने के लिए अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव से गठबंधन करके चुनाव लड़ा. जिसमे सपा पीएसपी के उम्मीदवारो को तयसुदा करके चुनाव मैदान मे उतारा गया. यह गठजोड़ तब किया गया जब BJP की ओर से यह कहा जाने लगा कि 1989 से जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर इस दफा भाजपा का प्रतिनिधि काबिज होगा. जिला पंचायत सदस्य के प्रारंभिक रुझानों की अगर बात की जाए तो समाजवादी पार्टी और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के गठबंधन के पक्ष में दिखाई दे रहे है. 2015 में शिवपाल सिंह के बड़े भाई राजपाल यादव के बेटे अभिषेक यादव समाजवादी पार्टी से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीत कर आए थे. 1989 से इटावा जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर मुलायम परिवार का कब्जा बरकरार चला आ रहा है. इटावा की जिला पंचायत सीट पर वर्ष 1989 से समाजवादी पार्टी का कब्जा बरकरार है. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव, प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव और पूर्व सांसद राम सिंह शाक्य जिला परिषद अध्यक्ष के रूप में इस पद पर काबिज रहे.सिलसिला शुरू हुआ 2005 से  साल 2005 में पिछड़ा वर्ग महिला के आरक्षित होने पर सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के भाई राजपाल सिंह की पत्नी प्रेमलता यादव अध्यक्ष बनीं. उनका कार्यकाल उस समय यादगार बन गया, जब वर्ष 2010 में यह पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होने पर प्रदेश में बीएसपी की सरकार होने के बावजूद वो दूसरी बार अध्यक्ष बनीं. इसके बाद वर्ष 2015 में यह पद फिर से सामान्य रखा गया. तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चचेरे भाई अभिषेक यादव इस पद पर आसीन हुए. अब इस सीट को पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है. इससे सपा समर्थकों में उत्साह बढ़ गया है.







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