ajit pawar sugar mill: Ajit Pawar News: ED के राडार पर डिप्टी सीएम अजित पवार? जब्त हुई 65 करोड़ की शुगर मिल – maharashtra deputy cm ajit pawar may come under ed scanner now the agency has seized a sugar mill connected to him and wife sunetra pawar

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हाइलाइट्स:

  • बढ़ सकती हैं उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की मुश्किलें
  • ईडी ने जब्त की पवार परिवार की पुणे स्थित शुगर मिल
  • जब्त की गई शुगर मिल की कीमत 65 करोड़ रुपये के आसपास
  • इस मामले की ईओडब्ल्यू और सीआईडी पहले कर चुके हैं

मुंबई
महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार पर इन दिनों प्रवर्तन निदेशालय कुछ ज्यादा ही मेहरबान नजर आ रहा है। ईडी की तरफ से सरकार के मंत्रियों पर शिकंजा कसने की तैयारियां चल रही हैं। पहले अनिल देशमुख फिर राज्य के ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग शिकायत और अब महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के खिलाफ ईडी ने बड़ा कदम उठाया है।

ईडी ने अजित पवार और उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार से जुड़ी एक शुगर फैक्ट्री को जब्त कर लिया है। इस फैक्ट्री की कीमत 65 करोड़ के आसपास है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जब्त की गई शुगर मिल कोरेगांव के चिमनगांव में है। ईडी ने जमीन, बिल्डिंग, प्लांट और मशीनें भी जब्त की हैं।

अजित पवार ने कहा पहले भी हो चुकी है जांच
हु इस मामले में राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा है की पहले भी एंटी करप्शन और सीआईडी की जांच हो चुकी है उनकी जांच में कुछ भी नहीं पाया गया था फिलहाल आर्थिक अपराध शाखा की जांच भी शुरू है सभी तरफ से जांच की जा रही है लेकिन कुछ भी अभी तक सामने निकलकर नहीं आया है अजित पवार का यह भी कहना है कि उन्हें इस मामले में ईडी की तरफ से कोई नोटिस नहीं मिला है।

क्या है मामला
ईडी के मुताबिक जब्त की गई संपत्ति अजित पवार और उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने जो भी प्रॉपर्टी जब्त की है। वह मेसर्स गुरु कमोडिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस प्रॉपर्टी को मैसर्स जरांडेश्वर सहकारी शुगर मिल को लीज पर दिया गया था। ईडी के मुताबिक इस शुगर मिल की ज्यादातर हिस्सेदारी में मेसर्स स्पार्कलिंग सॉयस प्राइवेट लिमिटेड के पास है। ईडी के मुताबिक यह कंपनी पवार परिवार से संबंधित है।

11 साल पहले हुई थी एफआईआर
इस मामले में इसके पहले भी जांच हो चुकी है। तकरीबन 11 साल पहले मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया था। बाद में इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का भी केस दर्ज किया गया। जिसकी जांच की जा रही है। ईडी के मुताबिक साल 2010 में महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक ने जरांडेश्वर कोऑपरेटिव शुगर मिल को नीलाम किया था। उस दौरान इसकी कीमत इरादतन कम रखी गयी थी।

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बढ़ सकती हैं उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की मुश्किलें

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