AICF में हुआ CFI का विलय, अध्यक्ष डॉ संजय कपूर ने निभाई अहम भूमिका– News18 Hindi

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लखनऊ. यूपी सरकार द्वारा जबरन रिटायर किए गए पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर (Former IPS Amitabh Thakur) का कहना है कि पुलिस उन्हें गोरखपुर जाने से रोक रही है. दरअसल अमिताभ ठाकुर ने आज गोरखपुर जाने का ऐलान किया था. बता दें कि पिछले दिनों अमिताभ ठाकुर ने सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. अमिताभ ठाकुर को आज 21 अगस्त को गोरखपुर और 22 अगस्त को अयोध्या दौरे पर जाना था.

आज अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट कर बताया कि पुलिस घेराबंदी शुरू हो गई है. लखनऊ में गोमतीनगर सीओ ने गोरखपुर जाने से मना किया. बातचीत जारी है. अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, “4/6 रेल विहार कॉलोनी, गोमतीनगर में पुलिस घेरे में हूं. यह चिट्ठी दी पर CO ने जाने से मना कर दिया है. आगे की बात बताऊंगा. अरेस्ट संभव है. दूसरे पक्ष में डर बहुत ज्यादा है. जाने देने से बहुत डर रहे हैं.”

इसके कुछ देर बाद अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट किया, “विनयपूर्वक खेद प्रकट कर रहा हूं कि पुलिस के आदेशों से 21 की गोरखपुर व  22 की अयोध्या यात्रा निरस्त. मेरे प्रति “वर्ग विशेष, महिलाओं में भारी आक्रोश है! हाउस अरेस्ट. जल्द फिर कार्यक्रम बनाऊंगा. साथियों से ह्रदय से क्षमायाचना. योगीजी एक अदने आदमी से इतना डर? यह डर हमारी जीत है.”

इसके अलावा एक वीडियो संदेश डालकर अमिताभ ठाकुर ने बताया कि आज सुबह जब वह गोरखपुर जाने की तैयारी कर रहे थे तो लखनऊ पुलिस की तरफ से उन्हें कहा गया कि आपकी सुरक्षा को खतरा है, लिहाजा आप गोरखपुर न जाएं. जब मैंने कहा कि मेरे से ज्यादा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खतरे की बात सामने आते रहती है लेकिन वह कहीं जाना नहीं छोड़ते. उन्हें पूरा सुरक्षा व्यवस्था दी जाती है. कृपया मुझे भी न रोकें, उचित सुरक्षा दे दें.

 अमिताभ ठाकुर का वक्तव्य

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि इसके बाद मैंने संबंधित एक प्रार्थनापत्र दिया, जिसके जवाब में अजीबोगरीब कारण बताया गया. कहा गया कि दिल्ली में एक गैंगरेप पीड़िता ने आत्मदाह का प्रयास किया था. उस मामले में एक सांसद पर आरोप लगे हैं. उस पीड़िता ने कई पुलिस अफसरों पर आरोप लगाए हैं और उसमें मेरा भी नाम है. इस मामले में महिला संगठनों आदि में काफी रोष है. इसलिए कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए आपको गोरखपुर जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि इस पूरे प्रकरण से साफ है कि योगी आदित्यनाथ जी मेरे गोरखपुर दौरे से कितना डर गए हैं. ये लोकतंत्र की हत्या है.

लखनऊ पुलिस का पत्र

लखनऊ पुलिस का पत्र

बता दें इससे पहले अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट कर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. उन्होंने लिखा था, ‘कई साथी कह रहे हैं कि आप योगी जी के खिलाफ चुनाव लड़ जाइए. विचार बुरा नहीं है. वैसे मैं भी जानता हूं कि मुझे वोट बहुत ही कम मिलेंगे, नाममात्र के, क्योंकि मुझमें नेताओं वाले गुण नहीं हैं, पर इतना जरूर है कि उस चुनाव में योगी जी से आचार संहिता का पूर्ण पालन जरूर करवा दूंगा.’

कौन हैं अमिताभ ठाकुर
1992 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे अमिताभ ठाकुर मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं. उनका करियर काफी विवादों से घिरा रहा. वह कई जिलों में एसपी रहे. अमिताभ ठाकुर नेशनल आरटीआई फोरम के संस्थापक भी रहे हैं. उनकी पत्नी भी एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं. साल 2015 में अमिताभ ठाकुर ने उस वक्त सनसनी फैला दी थी, जब पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव पर धमकी देने का आरोप लगा दिया था. वह सर्विस में रहते हुए सरकारों के खिलाफ मुखर रहे. इसी साल उन्हें जबरन रिटायर कर दिया है.



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