agriculture bill 2020: a new step of thackeray government against centres agricultre bill:महाराष्ट्र सरकार का केंद्र के कानून के खिलाफ एक नया कदम

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हाइलाइट्स:

  • महाराष्ट्र सरकार का केंद्र के कानून के खिलाफ एक नया कदम
  • ठाकरे सरकार किसानों के लिए नया कृषि कानून लाने जा रही है
  • सरकार का कहना है कि यह केंद्रीय कृषि कानून से अलग होगा
  • इस कानून को महाराष्ट्र के मानसून सत्र में लाने की तैयारियां शुरू

मुंबई
महाराष्ट्र विधानसभा के आगामी मॉनसून अधिवेशन में राज्य सरकार कृषि संशोधन विधेयक लाने जा रही है। यह कृषि संशोधन विधेयक केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विपरीत होंगे। यह जानकारी राज्य के राजस्व मंत्री और कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोरात ने दी। इस संदर्भ में बुधवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ राज्य के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक भी हुई है।

बता दें कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में बड़े पैमाने पर लंबे समय से किसान आंदोलन चल रहा है। थोरात ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने संसद में जो तीन काले कृषि कानून पारित किए हैं, वे किसान विरोधी और व्यापारिक मानसिकता का समर्थन करने वाले हैं।

इसीलिए, राज्य के किसानों के हितों की रक्षा के लिए राज्य की महा विकास आघाड़ी सरकार कृषि संशोधन विधेयक लाने जा रही है। बुधवार को हुई बैठक में थोरात के अलावा सहकार मंत्री बालासाहेब पाटील, कृषि मंत्री दादाजी भुसे, कृषि व सहकार राज्यमंत्री डॉ. विश्वजीत कदम शामिल थे। राज्य सरकार जो कृषि संशोधन विधेयक लाने वाली है, उसके मसौदे पर करीब 1 घंटे से ज्यादा समय तक चर्चा हुई।

थोरात ने बताया कि राज्य सरकार जो कृषि संशोधन विधेयक लाने जा रही है, उसमें किसानों की उन तमाम परेशानियों और आशंकाओं का समाधान होगा, जो केंद्र के काले कृषि कानूनों के कारण पैदा हुई हैं। उन पर शरद पवार ने भी सहमति व्यक्त की है और कुछ सुझाव भी दिए हैं।

चर्चा के मुद्दे
– केंद्र सरकार के सहकारी बैंकों के अस्तित्व को खत्म करने वाले कानून पर चर्चा हुई।

– इस पर अदालती लड़ाई शुरू करने और राज्य में सहकारी बैंक संरक्षण विधेयक लाने पर भी चर्चा।

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इस कानून को महाराष्ट्र के मानसून सत्र में लाने की तैयारियां शुरू

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