99 ग्राम प्रधान प्रत्याशियों की हुई मौत, सभी सीटों पर रविवार को फिर से डाले जाएंगे वोट- up panchayat elections 2021 99 gram pradhan candidates die during poll repolling today upat

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लखनऊ. कोरोना काल (Corona Pandemic) में पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav) कराया जाना कितना भारी पड़ा है, इसकी बानगी धीरे-धीरे देखने को मिल रही है. कई जिलों में मतदान कर्मियों की चुनाव के दौरान मौत की खबरें सामने तो आई थी, लेकिन अब राज्य निर्वाचन आयोग ने जो आंकड़ा जारी किया है वह चौंकाने वाला है. आपको जानकर हैरानी होगी कि पंचायत चुनाव के दौरान प्रधान पद के 99 प्रत्याशियों की मौत हुई है. इन सभी 99 ग्राम पंचायतों में रविवार 9 मई को चुनाव कराया जाएगा. राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़े के मुताबिक 32 जिलों में प्रधान पद के प्रत्याशियों की मौत हुई है. सबसे ज्यादा 11 प्रत्याशियों की मौत कुशीनगर में हुई है. उन्नाव में 8, बहराइच और बाराबंकी में 7-7 प्रत्याशियों की मौत हुई है. बलिया में 6 प्रत्याशियों की जान गई है. इसके अलावा हमीरपुर, सिद्धार्थ नगर, अंबेडकर नगर, वाराणसी, मुजफ्फरनगर, एटा, गोरखपुर और ललितपुर में एक-एक प्रत्याशी की जान चुनाव के दौरान गई है. इन सभी प्रधान पद के प्रत्याशियों की मौत 2 मई को हुई मतगणना से पहले हुई है. आइए एक नजर डालते हैं किस जिले में कितने प्रधान पद के प्रत्याशियों की मौत हुई है. इन जिलों में इतने प्रत्याशियों की मौतकुशीनगर – 11, एटा – 1, गोरखपुर – 1, ललितपुर – 1, भदोही – 3, बाराबंकी – 7,  फिरोजाबाद – 2, कौशांबी – 4,  मुजफ्फरनगर – 1, वाराणसी -1,  बहराइच – 7, औरैया – 3, जालौन – 2,  मिर्जापुर – 4,  बांदा – 4,  उन्नाव- 8,  बलिया – 6, सीतापुर – 1, अमेठी – 3,  हमीरपुर – 1,  संभल -2,  सिद्धार्थ नगर – 1, कानपुर देहात – 2, मऊ – 2, अंबेडकर नगर – 1, कासगंज – 2,  सोनभद्र – 5, बस्ती – 3,  बुलंदशहर – 4,  फर्रुखाबाद – 2,  मुरादाबाद – 3, अलीगढ़ – 2 मौत की वजह स्पष्ट नहीं बता दें कि जिन 99 ग्राम प्रधान प्रत्याशियों की मौत हुई है उनमें से कितने की मौत कोरोना के संक्रमण से हुई है ये स्पष्ट नहीं है. इन सभी 32 जिलों की 99 ग्राम पंचायतों में रविवार 9 मई को चुनाव कराया जा रहा है. 11 मई को सभी 99 सीटों के लिए वोटों की गिनती होगी.
चुनाव स्थगित करने की हुई थी मांग बता दें कि पंचायत चुनाव से पहले ही जोर शोर से इस बात पर चर्चा शुरू हो गई थी कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच चुनाव स्थगित कर दिए जाने चाहिए. मामला कोर्ट तक भी गया लेकिन चुनाव कराए गए. अब इसका इतना बड़ा साइड इफेक्ट देखने को मिल रहा है. बता दें कि प्रदेश की 58 हजार 194 ग्राम पंचायतों में 4 चरणों में चुनाव हुए थे. 15, 19,  26 और 29 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. 2 मई से वोटों की गिनती का काम शुरू हुआ था जो तीन दिनों तक चला था.



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