25858 new cases were reported in 24 hours, 352 patients died

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लखनऊ के लिए राहत की बात है कि कोरोना के जितने नए केस सामने आए, उससे ज्यादा कोरोना मुक्त हो घर लौटे. (सांकेतिक फोटो)

राजधानी लखनऊ के लिए यह बहुत राहत की बात है कि यहां पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के महज 2407 नए मरीज ही मिले, जबकि 5079 मरीज कोरोना मुक्त होकर अपने घर लौटे.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना के आधिकारिक आंकड़े जारी कर दिए. इस आंकड़े के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में मंगलवार को बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के कुल 25858 नए मामले आए हैं. राजधानी लखनऊ के लिए यह बहुत राहत की बात है कि यहां पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के महज 2407 नए मरीज ही मिले, जबकि 5079 मरीज कोरोना मुक्त होकर अपने घर लौटे. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पूरे यूपी में कुल 38 हजार 683 मरीजों ने कोरोना को हराया. और पिछले 24 घंटे में यूपी में 352 मरीजों की जान संक्रमण ने ले ली. इन आंकड़ों में बताया गया है कि नोयडा, गाजियाबाद और छोटे जिलों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. सोमवार को मिले थे 29192 नए केस आज जारी हुए आंकड़ों के बाद उम्मीद दिखती है कि कोरोना संक्रमण के केसों में लगातार गिरावट आएगी. आपको बता दें कि सोमवार को पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 29,192 नए मामले सामने आए थे. यह जानकारी प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने दी. गुरुवार सुबह तक लॉकडाउनइसके अलावा, उत्तर प्रदेश में वैक्सीनेशन ड्राइव भी जारी है. 18 साल से ऊपर के लोगों को भी वैक्सीन लगने लगी है. इस बीच सरकार ने लॉकडाउन की अवधि भी तीन दिन और बढ़ा दी है. अब यह लॉकडाउन 6 मई गुरुवार की सुबह 7 बजे तक जारी रहेगा. लॉकडाउन का असल मकसद तभी कामयाब होगा जब कोविड प्रोटोकॉल का पूरी सख्ती से कराया जाएगा. इस बीच जो रिपोर्ट आ रही हैं उसके मुताबिक पूरे यूपी में लॉकडाउन का पालन सख्ती से किया जा रहा है. बेवजह घूमते लोगों के चालान किए जा रहे हैं. आवश्यक सेवाओं को छोड़कर तमाम दुकानें बंद रखी गई हैं. गांवों में कोरोना स्क्रीनिंग अभियान पंचायत चुनाव खत्म होते ही गांव में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और बड़ा फैसला किया था. प्रदेश के सभी 97 हजार राजस्व गांव में कोविड-19 को लेकर विशेष अभियान 4 मई से 4 दिन तक चलाए जाने की घोषणा की गई. प्रदेश में सभी ग्राम पंचायतों में टीम भेजकर प्रदेश व्यापी स्क्रीनिंग अभियान चलाए जाने की भी योजना बनी. इस दौरान खांसी, बुखार और जुकाम जैसे लक्षणों वाले लोगों का टेस्ट कर तत्काल उन्हें आइसोलेशन में भेजे जाने का फैसला किया गया.







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