तकलीफदायक होता है दांत का फोड़ा, जानें कैसे किया जाता है उपचार

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दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखकर दंत फोड़े के जोखिम को कम किया जा सकता है. दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से अपने दांतों को ब्रश करें.

दांत में फोड़ा (Tooth Abscess) होने पर लक्षण साफ महसूस होते हैं. प्रभावित दांत या मसूड़े में तेज दर्द (Pain) होता है, जो अचानक होता है. इसमें स्थिति धीरे धीरे खराब होने लगती है. यह दर्द कान, जबड़े और गर्दन पर उसी तरफ फैलता है, जहां प्रभावित दांत या मसूड़ा हो.




  • Last Updated:
    November 23, 2020, 4:06 PM IST

दांत का फोड़ा या दंत फोड़ा (Tooth Abscess) का मतलब दांतों या मसूड़ों में पस से है. यह तब होता है जब मुंह में संक्रमण होता है. यह बहुत दर्दनाक (Painfull) हो सकता है और इसकी वजह से आप काफी बीमार महसूस कर सकते हैं. यदि इसका इलाज नहीं करते हैं, तो यह बदतर हो जाएगा और फोड़े के आसपास की हड्डी खराब हो सकती है. myUpchar के अनुसार, यह फोड़ा दांतों के अंदर, मसूड़ों में या हड्डी में जगह बना सकता है. यह जीवाणु संक्रमण के कारण होता है. दांत के अंत में दंत यदि फोड़ा है तो इसे पेरियापिकल कहा जाता है जबकि मसूड़े में फोड़े को पेरियोडॉन्टल कहा जाता है. यह अनुपचारित कैविटी, चोट या पहले किसी दांत संबंधी इलाज के कारण हो सकता है.

कान, जबड़े और गर्दन में होता है दर्द

दांत में फोड़ा होने पर लक्षण साफ महसूस होते हैं. प्रभावित दांत या मसूड़े में तेज दर्द होता है, जो अचानक होता है. इसमें स्थिति धीरे धीरे खराब होने लगती है. यह दर्द कान, जबड़े और गर्दन पर उसी तरफ फैलता है, जहां प्रभावित दांत या मसूड़ा हो. इसमें लेटने पर भी दर्द होता है, जिसके वजह से नींद में खलल आती है. इसके अलावा चेहरे पर लालिमा और सूजन दिखाई दे सकती है. इस स्थिति में गर्म या ठंडा खाने या पीने के प्रति संवेदनशीलता महसूस हो सकती है. मुंह में बदबूदार सांस या अजीब सा स्वाद महसूस हो सकता है. अगर संक्रमण बढ़ जाता है, तो तेज बुखार भी हो सकता है. गंभीर मामलों में मुंह खोलने, खाना निगलने या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है.डेंटिस्ट के पास जाना जरूरी

दांत में फोड़ा के लक्षणों को देखने के बाद डेंटिस्ट से मिलना चाहिए, वरना स्थिति बिगड़ सकती है. दांत के फोड़े के निदान के लिए डेंटिस्ट प्रभावित दांतों और मसूड़ों की जांच कर सकते हैं. वह डेंटल एक्स-रे भी सकते हैं, ताकि यह पताा चल सके कि फोड़े की सटीक जगह क्या है और यह कितने हिस्से में फैला है.

ये है उपचार के तरीके

संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इसके स्रोत को पहचान कर उसे हटाया जाता है और पस को दूर किया जाता है. इलाज की कौन सी विधि अपनाई जाएगी, यह फोड़े और संक्रमण की गंभीरता पर निर्भर करता है. डॉक्टर ऐसे में रूट कैनाल ट्रीटमेंट की मदद ले सकते हैं, जिसकी मदद से खाली जगह को भरा जाता है. यदि रूट कैनाल उपचार संभव नहीं है, तो ऐसे में प्रभावित दांत को निकाला जा सकता है. इन्सिशन और ड्रेनज विधि भी अपनाई जा सकती है, जिसमें मसूड़े में एक छोटा सा कट लगाकर पस को बाहर निकाला जाता है. यह आमतौर पर केवल एक अस्थायी समाधान होता है और इसमें आगे के उपचार की जरूरत हो सकती है. संक्रमण फैलने या विशेष रूप से गंभीर होने पर एंटीबायोटिक्स उपयोग किया जा सकता है.

ऐसे बचें इस बीमारी से

दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखकर दंत फोड़े के जोखिम को कम किया जा सकता है. दिन में दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से अपने दांतों को ब्रश करें. हर बार कम से कम दो मिनट इसके लिए दें. खाना खाने के बाद नमक के गुनगुने पानी से मुंह धोएं, ताकि अनाज का कोई कण दांतों में न रहें. हर 3-4 महीने में टूथब्रथ बदल लें. एक स्वस्थ आहार संक्रमण और मुंह की बदबू की संभावनाओं को कम करता है. इसके अलावा आप एंटीसेप्टिक या फ्लोरिनेटेड माउथवॉश का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, दांत का फोड़ा पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं.सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



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