Chinese scientist Says Corona virus was came from Wuhans government lab: report – चीन की वैज्ञानिक ने बताया, वुहान की सरकारी लैब से निकला कोरोना वायरस : रिपोर्ट

7

ब्रिटिश टॉक शो ” लूज वुमन ” के साथ एक विशेष बातचीत में, वैज्ञानिक डॉ ली-मेंग यान ने कहा कि उसे वुहान में “न्यू निमोनिया” की जांच करने का काम सौंपा गया था. उन्होंने अपनी जांच के दौरान कोरोनावायरस के बारे में एक कवर अप ऑपरेशन की खोज की.

यह भी पढ़ें- चीन : वुहान में COVID-19 से ठीक हुए 90 प्रतिशत मरीजों के फेफड़ों में खराबी – रिपोर्ट

हांगकांग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में वायरोलॉजी और इम्यूनोलॉजी में स्पेशलाइज्ड डॉ. ली-मेंग कहा कि उन्होंने चीन में नए निमोनिया पर दो शोध किए – पहला दिसंबर से जनवरी के बीच और दूसरा जनवरी के मध्य में, हांगकांग से अमेरिका भागने से पहले.

उन्होंने बताया, “मैंने अपने पर्यवेक्षक (Supervisor) को इस विकास की रिपोर्ट करने का फैसला किया, जो एक विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सलाहकार भी है. लेकिन डब्ल्यूएचओ और मेरे पर्यवेक्षक की कोई प्रतिक्रिया नहीं थी. सभी ने मुझे चेतावनी दी कि सही लाइन पार न करें और चुप्पी बनाए रखें वरना मुझे गायब कर दिया जाएगा. “

चीन ने Coronavirus संक्रमण का केंद्रबिंदु माने जा रहे वुहान लैब की ‘झलक’ दिखाई, यह है कारण..

वीरोलॉजिस्ट ने कहा कि उन्होंने अपने पर्यवेक्षक (Supervisor) से “चीनी सरकार और डब्ल्यूएचओ की ओर से सही काम करने” की अपेक्षा की थी. अमेरिका सहित कई देशों ने कोरोनोवायरस के प्रकोप की गंभीरता को कवर करने के लिए चीन और डब्ल्यूएचओ दोनों की आलोचना की है.

डॉ. ली-मेंग ने खुलासा किया कि उन्होंने अमेरिका में एक प्रसिद्ध चीनी YouTuber से संपर्क किया था. जो खुलासा हुआ वो चीनी भाषा में था, उसके मुताबिक चीनी कम्युनिस्ट पार्टी COVID-19 संकट को कवर कर रही थी और वायरस का ह्यूम टू ह्यूम ट्रांसमिशन हो रहा था.

मेंग ने यह भी कहा था कि कोरोनावायरस एक “उच्च-म्यूटेंट वायरस” है, जो जल्द ही प्रकोप बन जाएगा और वुहान में सीफूड बाजार और वायरस के मध्यवर्ती मेजबान सिर्फ एक परदे की भांति थे. ये वायरस वहां से नहीं फैला है.  डॉक्टर ने तब आश्चर्यजनक रहस्योद्घाटन किया कि “वायरस प्रकृति से नहीं है” और यह “वुहान में चीनी सरकार द्वारा नियंत्रित प्रयोगशाला” से था.

उन्होंने बताया, “यह चाइना मिलिट्री इंस्टीट्यूट पर आधारित है जिसने CC45 और ZXC41 नाम के कुछ बुरे कोरोनावायरस की खोज की और उनका स्वामित्व किया. उसके आधार पर, प्रयोगशाला संशोधन के बाद एक नोवल वायरस बन जाता है. “

यह पूछे जाने पर कि क्या उनके पास रहस्योद्घाटन के बारे में वैज्ञानिक प्रमाण हैं, डॉ. ली-मेंग ने कहा कि उनके पास चीनी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी), स्थानीय डॉक्टरों और चीन भर के अन्य लोगों से खुफिया जानकारी है.

उन्होंने कहा, “ये सच्चाई हैं और अन्य सभी चीजों को कवर किया गया था,” वायरोलॉजिस्ट ने कहा कि वह दुनिया भर के शीर्ष वैज्ञानिकों के एक छोटे समूह के साथ एक वैज्ञानिक रिपोर्ट पर काम कर रही है और जल्द ही इसे प्रकाशित किया जाएगा.

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here