सरकारी निवासी स्कूलों: सरकारी निवासी स्कूलों में पढ़ाया जाएगा CBSE का पाठ्यक्रम – cbse syllabus will be implemented in local government schools

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मुंबई
बीएमसी के साथ-साथ अब राज्य सरकार का भी स्टेट बोर्ड के पाठ्यक्रम से मोहभंग होता दिख रहा है। राज्य में अनुसूचित जाति और नव बौद्ध वर्ग के विद्यार्थियों के लिए हर जिले के एक सरकारी निवासी स्कूल में प्रायोगिक तौर पर कक्षा 6 से सीबीएसई का पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। सोमवार को बजट पेश करते हुए इस बात की घोषणा उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री अजीत पवार ने की है।

आदिवासी आश्रमशाला अब होंगे मॉडल निवासी स्कूल
राज्य सरकार ने सरकारी आदिवासी आश्रमशाला का कायापलट करने के लिए भी बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। अब सरकारी आदिवासी आश्रमशालाओं का मॉडल निवासी स्कूलों में रूपांतरित करने का प्रस्ताव है। पहले चरण में 100 आश्रमशालाओं का काम हाथ में लिया जाएगा।

एकलव्य मॉडल स्कूलों में अब पहली से सीबीएसई की पढ़ाई
राज्य में फिलहाल 25 एकलव्य मॉडल निवासी स्कूल हैं। इनमें छठी कक्षा से लेकर बारहवीं तक सीबीएसई का पाठ्यक्रम चल रहा है। अब अगले तीन वर्षों ने इन स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से पहली से लेकर पांचवीं कक्षा तक सीबीएसई का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। इस तरह ये स्कूल पूरी तरह से सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले हो जाएंगे।

महाज्योति, सारथी, बार्टी को 450 करोड़ रुपये
सूबे में समाज के अलग-अलग वर्गों की उन्नति के लिए स्थापित महाज्योति, सारथी और बार्टी की विभिन्न योजनाओं को प्रभावी तरीके से अमल में लाने के लिए सरकार ने हर संस्था को 150 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया है।

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