संगम नगरी में गंगा और यमुना नदियों का बढ़ रहा जल स्तर, मंडरा रहा बाढ़ का खतरा | allahabad – News in Hindi

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गंगा-यमुना का बढ़ रहा जलस्तर

प्रयागराज (Prayagraj) में गंगा नदी (Ganga River) आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे और यमुना नदी (Yamuna River) डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से बढ़ रही है. बढ़ते जलस्तर की वजह से पक्के घाटों और संगम जाने वाले रास्ते पर पानी भरने लगा है.

प्रयागराज. यूपी (UP) के तराई वाले कई जिलों में जहां बाढ़ (Flood) ने कहर बरपा रखा है, वहीं संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) में भी गंगा (Ganga) और यमुना (Yamuna) दोनों ही नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. हालांकि दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं, लेकिन बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. प्रयागराज में गंगा नदी आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे और यमुना नदी डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से बढ़ रही है. बढ़ते जलस्तर की वजह से पक्के घाटों और संगम जाने वाले रास्ते पर पानी भरने लगा है. संगम के घाटियों ने अपने सामान समेटकर उन्हें अब पीछे करना शुरू कर दिया है.

बाढ़ से प्रभावित होगी एक चौथाई आबादी

बीते चौबीस घंटे की अगर बात करें तो गंगा नदी का जल स्तर 15 सेंटीमीटर और यमुना नदी का जल स्तर 40 सेंटीमीटर बढ़ा है. जिस रफ्तार से नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश की बारिश का पानी यहां पहुंचकर लोगों को मुसीबत में डाल सकता है. प्रयागराज में जब गंगा और यमुना दोनों नदियां खतरे के निशान को पार करती हैं तो शहर के तकरीबन एक चौथाई इलाके में बाढ़ का पानी घुसकर आबादी को प्रभावित करने लगता है.

सिंचाई विभाग रख रहा है नजरशनिवार को गंगा नदी का फाफामऊ में जलस्तर 79.10 मीटर, छतनाग में 76.68 मीटर और नैनी में यमुना नदी का जल स्तर 77.25 मीटर दर्ज किया गया. जबकि दोनों नदियों का डेंजर लेवल 84.734 मीटर है. बाढ़ को देखते हुए नदियों के तट पर रहने वाले लोगों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. पानी बढ़ने पर सबसे ज़्यादा दिक्कत संगम आने वाले श्रद्धालुओं को होती है. लेकिन वीकेंड लॉकडाउन के बावजूद संगम में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. वहीं सिंचाई विभाग के बाढ़ कन्ट्रोल रुम से 24 घंटे दोनों नदियों के बढ़ रहे जलस्तर पर नजर रखी जा रही है.



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