वाराणसी में CNG के बाद चलेंगी अब इलेक्ट्रिक बसें, जानिए रूट-टिकट से जुड़ी जरूरी बातें

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वाराणसी. गंगा की धारा से अब शिव और शक्ति के एक साथ दर्शन कराने की योजना है. पीएम मोदी (PM Narendra Modi) और सीएम योगी (CM Yogi Adityanath) के ड्रीम प्रॉजेक्ट को पर्यटन विभाग (Tourism Department) अब जलमार्ग से जोड़ने जा रहा है. काशी में विश्वनाथ कॉरिडोर और मिर्जापुर में विंध्य कॉरिडोर बनेगा.

बनारस आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन विभाग ने बड़ा प्लान तैयार किया है. जिससे यहां आने वाले भक्त बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के साथ ही बड़े आराम से माता विंध्यवासिनी के भी दर्शन कर सकते हैं पर्यटन विभाग ने वाराणसी से विंध्यधाम तक जल मार्ग से दर्शन कराने के लिए प्लान तैयार कर लिया है.

क्रूज के जरिए बाबा विश्वनाथ व विंध्यवासिनी के दर्शन
वाराणसी पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान बताते हैं कि पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट विंध्य कॉरिडोर को जल मार्ग से जल्द ही जोड़ दिया जाएगा. जिसमें सहायक होंगी वाराणसी में चलने वाली रो-रो क्रूज़. क्रूज के जरिए विश्वनाथ कॉरिडोर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के बाद वहीं से गंगा के रास्ते मिर्जापुर विंध्यधाम यानी विंध्य कॉरिडोर तक ले जाया जाएगा. जहां माता के दर्शन कराने के बाद फिर काशी वापस आया जाएगा.

जल्द शुरू होगी सेवा
वाराणसी में विश्वनाथ धाम का काम अपने अंतिम चरण में है तो वहीं विंध्य कॉरिडोर का निर्माण भी शुरू हो चुका है. इन दोनों कॉरिडोर के बन जाने से श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा फायदा होगा.अधिक से अधिक संख्या में कॉरिडोर में एक साथ श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे और दर्शनार्थियों का समय बचेगा..

पर्यटन विभाग का बढ़ेगा मुनाफा
इस प्रोजेक्ट से पीएम मोदी और सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट को जहां पर्यटन विभाग जोड़ रहा है, तो वहीं पर्यटन विभाग को भी इस प्रोजेक्ट से बड़ा फायदा होगा. काशी में आने वाले दर्शनार्थियों व सैलानियों को जलमार्ग का यह प्लान काफी पसंद आएगा. जिससे कोरोना के कारण घाटे में चल रहे पर्यटन विभाग को भी मुनाफा होगा और एक बार फिर से काशी का पर्यटन कारोबार पटरी पर आ सकेगा.

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