वाराणसी: कोरोनो से लड़ने में पूर्वोत्तर की माटी में सबसे ज्यादा ताकत, महाराष्ट्र और गुजरात सबसे कमजोर | varanasi – News in Hindi

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BHU के जंतु विभाग के शोध में हुआ खुलासा भारत में क्यों है कोरोना मृत्यु दर कम

बीएचयू (BHU) के शोध में पता लगा कि भारतीयों के शरीर में कुछ ऐसे न्यूट्रिशयन पाए जाते हैं, जो कोरोना (COVID-19) रोधी होते हैं. या सामान्य भाषा में समझे तो कोरोना को हराने की ताकत रखते हैं.

वाराणसी. कोरोना (COVID-19) से जंग लड़ने की ताकत भारतीयों (Indians) में अन्य देशों के मुकाबले ज्यादा है. बीएचयू (BHU) के जंतु विज्ञान विभाग (Zoology Department) की टीम ने जो शोध (Research) किया था, उस पर अमेरिका के बाद स्विटजरलैंड ने भी मुहर लगा दी है. बीएचयू ने इस बात पर शोध कर पता लगाया है कि आखिर भारत में मृत्यु दर कम कैसे है? शोध में पता लगा कि भारतीयों के शरीर में कुछ ऐसे न्यूट्रिशयन पाए जाते हैं, जो कोरोना रोधी होते हैं. या सामान्य भाषा में समझे तो कोरोना को हराने की ताकत रखते हैं. इस शोध में पता चला कि पूर्वोत्तर के राज्यों में ये न्यूट्रिशयन करीब अस्सी से सौ फीसदी होता है. इसलिए पूर्वोत्तर के राज्यों में मृत्यु दर करीब 0.03 के करीब है. वहीं यूपी में ये न्यूट्रिशयन औसत मात्रा में है. यहां 46 से लेकर 50 फीसदी तक अलग-अलग इलाकों में न्यूट्रिशियन की क्षमता आंकी गई.

महाराष्ट्र और गुजरात सबसे कमजोर

भारत में सबसे कमजोर गुजरात और महाराष्ट्र की क्षमता शोध में मिली. गुजरात और महाराष्ट्र में इसलिए मृत्यु दर 3.4 और 3.3 के करीब है. महाराष्ट्र और गुजरात के लोगों में एक्स क्रोमोसोम में म्यूटेशन हेप्लोटाइप कम होने के कारण मौतें ज्यादा हुईं. वहीं केरल, अरुणाचल, मेघालय और त्रिपुरा में म्यूटेशन हेप्लोटाइप अन्य राज्यों की अपेक्षा अधिक पाया गया है.अब इस सर्वे के बाद अगला सर्वे सीरो सर्वे होगा. जिसमें वाराणसी समेत आस पास के जिलों को शामिल किया गया है.

अब अगला शोध इस परबीएचयू के जंतु विज्ञान के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने बताया कि इस सर्वे के बाद पता चलेगा कि असल में कितने लोग प्रभावित हुए और कितने लोगों ने इस कोरोना वायरस को कितने समय में हराया. साथ ही जिलेवार रोग प्रतिरोधक क्षमता भी सामने आएगी. इस शोध में बीएचयू के जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय वैज्ञानिकों की टीम ने काम किया. सभी ने जेनेटिक मैपिंग कर अलग-अलग राज्यों के लोगों की कोरोना रोधक क्षमता की जांच की है. 5641 सैम्पल को कलेक्ट कर हुए शोध के बाद ये पता चला कि हिंदुस्तानियों के एक्स क्रोमोसोम पर उपस्थित जीन एंजियोटोरियन्स कंवर्जिंग एंजाइम 2 के म्यूटेशन के कारण भारतीयों की कोरोना से मौत कम हो रही है. बीएचयू के इस दावे पर अमेरिका के बाद अब स्विजरलैंड ने मुहर लगाई है. स्विजरलैंड की प्रसिद्ध विज्ञान पत्रिका फ्रंटियर इन जेनेटिक्स स्विजरलैंड ने इसे प्रकाशित किया है.



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